दिल्ली में लगातार गायब हो रही महिलाओं और बच्चों पर सियासत पर चरम पर जहां राजनीतिक दल एक दूसरे पर आरोप लगाने में लगे हैं. वहीं, पीड़ित परिवार के लोग अपनों की तलाश में हैं. वहीं, हाथों में जवान बेटी की फोटो लिए खड़ी महिला का नाम रीता देवी है. रीता बीते एक हफ्ते से अपनी 18 साल की बेटी पूजा की तलाश में जुटी हैं.

रीता देवी जैसी ही कहानी दिल्ली के सैंकड़ों परिवारों की है, जो अपनों की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं लेकिन उन्हें अपनों का कुछ पता नहीं चल रहा है. उनके बच्चों को जमीन खा गई या आसमान निगल गया?

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आखिर कैसे साल के पहले महीने में 1600 से ज्यादा लोग गायब हो गए, ये इस समय देश के लिए सबसे बड़ी मिस्ट्री है और जवाब एक दम शून्य.

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देश की राजधानी दिल्ली जहां हर सड़क पर कैमरे हैं. हर मोड़ पर पुलिस है. वहां लोग ऐसे गायब हो रहे हैं जैसे कभी थे ही नहीं.
यह सिर्फ लापता होने की कहानी नहीं है. यह उस सिस्टम की कहानी है जो हर फाइल में नंबर जोड़ रहा है.

हालात ऐसे हैं कि अब घर-घर में डर का माहौल बढ़ रहा है और जिनके परिजन दिल्ली के बाहर रहते हैं उनके मन में भी चिंता बढ़ रही हैं. आज की यह कहानी किसी एक नाम से शुरू नहीं होती. यह एक शहर की सबसे बड़ी मिस्ट्री है और इसी रहस्य का सामना करने वाले लोगों से न्यूज24 की टीम ने मुलाकात की.

सबसे पहले हम दिल्ली के वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया इलाके में पहुंचे जहां रंजीत और उनकी पत्नी अपनी बेटी की तलाश में जुटे हैं. 12वीं क्लास में पढ़ने वाली पूजा बीते एक हफ्ते से लापता है.

सोचिए बेटी स्कूल गई और वापस नहीं लौटी. आज यही डर हर माता-पिता के जेहन में घर कर रहा है, लेकिन दिल्ली से गायब हो रहे लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है और ऐसा नहीं है कि सिर्फ नाबालिग या महिलाएं ही गायब हो रहे हैं. दिल्ली के द्वारका इलाके में रहने वाली 59 साल की सायरा बेगम के रहस्मय ढंग से गायब होने की गुत्थी भी अलसुलझी है. वे एक दिन घर से निकलीं और फिर कभी वापस नहीं लौटीं.

सायरा बेगम के रिश्तेदारों, परिचितों को तलाशने के बाद भी जब कोई जानकारी नहीं मिली तो परिजनों ने पोस्टर जारी कर आम लोगों से मदद की गुहार लगाई है. किसी भी तरह की पुख्ता जानकारी देने वाले के लिए एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है.