Delhi Traffic Update: दिल्लीवालों के लिए गुड न्यूज है। महरौली से बवाना और शाहदरा से मंगोलपुरी तक, अब जाम की छुट्टी होने वाली है। सरकार 4 नए फ्लाईओवर और अंडरपास बनाने जा रही है। जी हां, दिल्ली सरकार पीडब्ल्यूडी (PWD) के जरिए शहर के चार सबसे व्यस्त रूट्स पर फ्लाईओवर और अंडरपास बनाने जा रही है। इस 34 किमी लंबे प्रोजेक्ट की फिजिबिलिटी स्टडी के लिए 7.30 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिए हैं।
JNU और अरुणा आसफ अली मार्ग पर नहीं रुकेंगे पहिए
साउथ दिल्ली के इस सबसे व्यस्त रूट पर JNU कैंपस और अरुणा आसफ अली रोड इंटरसेक्शन पर फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए जाएंगे। नई व्यवस्था में यू-टर्न की सुविधा भी होगी, जिससे महिपालपुर से महरौली जाने वाले लोगों का घंटों का सफर मिनटों में पूरा होगा।
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पूर्वी दिल्ली को सौगात: कांति नगर से टेल्को टी-पॉइंट (6 किमी)
शाहदरा और पूर्वी दिल्ली के लोगों के लिए अच्छी खबर है। कांति नगर ब्रिज से टेल्को टी-पॉइंट तक बनने वाले फ्लाईओवर से भारी वाहनों के कारण लगने वाले जाम का समाधान होगा। यह कॉरिडोर पूर्वी दिल्ली की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएगा।
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बवाना रोड (9 किमी): औद्योगिक और रिहाइशी इलाकों का सफर होगा आसान
उत्तर दिल्ली के बवाना रोड पर एलिवेटेड कॉरिडोर या फ्लाईओवर बनाने की तैयारी है। इस रूट पर औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण भारी वाहनों का दबाव रहता है। नए प्रोजेक्ट से यहां रहने वाले लोगों और उद्योगपतियों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
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कंझावाला से मंगोलपुरी (10 किमी): आउटर रिंग रोड की बढ़ेगी रफ्तार
आउटर रिंग रोड के इस हिस्से पर ₹3.44 करोड़ की लागत से विस्तृत सर्वे किया जा रहा है। कंझावाला चौक से मंगोलपुरी के बीच फ्लाईओवर या अंडरपास बनने से पूरी आउटर रिंग रोड सिग्नल फ्री होने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
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समय सीमा और मानक: 4-5 महीने में तैयार होगी रिपोर्ट
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा के अनुसार, अगले 4-5 महीनों में इन फ्लाईओवरों की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार हो जाएगी। इनका निर्माण 'भारतीय सड़क कांग्रेस' (IRC) के वैश्विक मानकों के अनुसार होगा, जिससे सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित की जा सकें।