त्योहारों और शादियों के सीजन की शुरुआत होते ही दिल्ली के प्रमुख बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है. इस दौरान सड़कों पर जाम न लगे और लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो, इसके लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पूरी तरह मुस्तैद हो गई है. दिल्ली पुलिस की सेंट्रल रेंज ने मशहूर कमर्शियल हब करोल बाग में एक हफ्ते का विशेष ट्रैफिक मैनेजमेंट और एन्फोर्समेंट अभियान चलाया, जिसमें नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की गई. दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह विशेष अभियान 18 अक्टूबर से 24 अक्टूबर 2026 तक चलाया गया.
एक सप्ताह में काटे गए कुल 1,369 चालान
सात दिनों तक चले इस सघन चेकिंग अभियान के दौरान कुल 1,369 चालान काटे गए. पुलिस का मुख्य फोकस बाजार में बेतरतीब खड़े वाहनों और ट्रैफिक में बाधा डालने वालों पर रहा. इनमें सबसे ज्यादा 709 चालान गलत या अवैध पार्किंग के लिए किए गए. इसके अलावा नो-एंट्री जोन के नियमों का उल्लंघन करने वाले 218 वाहनों और अन्य ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाले 442 चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई. सड़क पर रुकावट पैदा करने वाली 285 गाड़ियों पर क्लैंप लगाकर उन्हें जब्त या ब्लॉक किया गया.
ट्रिपल राइडिंग और मॉडिफाइड साइलेंसर पर भी नकेल
अभियान केवल पार्किंग तक सीमित नहीं था. पुलिस ने उन सभी लापरवाहियों पर सख्ती दिखाई जो सड़क सुरक्षा के लिए खतरा बनती हैं. बिना अनुमति वाहन चलाने, दोपहिया वाहनों पर ट्रिपल राइडिंग, शीशों पर काली फिल्म और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ भी चालान काटे गए.
अभियान का मकसद: जाम-मुक्त और सुरक्षित सफर
दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि बाजार में ट्रैफिक अनुशासन बनाना है. त्योहारी भीड़ को देखते हुए सड़क की खाली जगह का सही उपयोग हो सके, पैदल चलने वालों को सुरक्षित रास्ता मिले और स्थानीय निवासियों व खरीदारों को घंटों जाम में न फंसना पड़े, इसी को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया गया है. पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे बाजार जाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करें और गाड़ियों को केवल तय पार्किंग स्थलों पर ही पार्क करें.