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'खाना खा लिया, थोड़ी देर सो रहा हूं…', मां से बात के 90 मिनट बाद ढह गई इमारत; सत्य निकेतन हादसे ने छीने MP के दो होनहार छात्र

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत के ढहने से मौत हो गई. हादसे में अभी तक सात लोगों की मौत हो चुकी है.

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हादसे के बाद एमसीडी के पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया. (Image- ANI)

मध्यप्रदेश के छात्र अक्षत यादव जब भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) का अधिकारी बनने के लक्ष्य से नयी दिल्ली के लिए रवाना हुए थे तो उनके परिवार को नहीं पता था कि एक दिन उनका सपना हमेशा के लिए एक इमारत के मलबे में दब जाएगा. कटनी जिले के निवासी यादव उन सात लोगों में शामिल हैं, जिनकी रविवार को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत के ढहने से मौत हो गई. दिल्ली विश्वविद्यालय के 19 वर्षीय छात्र यादव आईएएस बनने का सपना लेकर राष्ट्रीय राजधानी गए थे.

यादव के अलावा, मध्यप्रदेश के देवास के निवासी, अर्पित जाज (21) भी इस हादसे के शिकार हो गए और इसके साथ ही उनका और उनके परिवार का सपना भी इमारत के ढहने के साथ जमींदोज हो गया. कटनी के तुलसी नगर इलाके के दुबे कॉलोनी के रहने वाले अक्षत हाल में रक्षा बंधन में घर आए थे और अपनी छोटी बहन से राखी बंधवाने के दो दिन बाद वापस दिल्ली लौट गए थे.

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पड़ोसियों ने बताया कि जानकारी मिलते ही उसके माता-पिता, छोटी बहन और परिवार के अन्य सदस्य सोमवार को दिल्ली पहुंचे और शव की शिनाख्त करने के बाद उसे एम्बुलेंस में लेकर सड़क मार्ग से कटनी के लिए निकल चुके हैं और उनके देर रात या मंगलवार तड़के यहां पहुंचने की संभावना है.

बचपन के मित्र और नर्सरी से 12वीं तक साथ-साथ पढा़ई करने वाले कृष्णा रजक ने बातचीत में कहा कि अक्षत ने पिछले ही साल कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूइटी) की परीक्षा पास की थी और दिल्ली में रहकर दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम की पढ़ाई कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘अक्षत पढ़ने में बहुत अच्छा था. उसे आईएएस की तैयारी करनी थी. जब भी बात होती तो वह हमेशा इसकी तैयारियों के बारे में ही चर्चा करता रहता था.’

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रजक ने बताया कि अभी हाल में अक्षत रक्षा बंधन पर कटनी आया था लेकिन किसी कारणवश उनसे उससे मुलाकात नहीं हो पाई थी. उन्होंने कहा, ‘जब से जानकारी आई है तभी से अक्षत के मम्मी-पापा का रो-रो कर बुरा हाल है. सबसे अधिक हालत खराब तो छोटी बहन का है, जिसे वह बहुत प्यार करता था.’

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दिल्ली की जिस इमारत में अक्षत किरायेदार के रूप में रहकर पढ़ाई कर रहा था, वह रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे मरम्मत कार्य के दौरान ढह गई. इसमें लड़कों का ‘पेइंग गेस्ट’ (पीजी) आवास था. इमारत के मलबे से अब तक 12 लोगों को निकाला जा चुका है जिनमें से अक्षत और जाए सहित सात लोगों की मौत हो गई है.

घटना की खबर मिलते ही कटनी स्थित अक्षत के निवास स्थान पर स्थानीय लोगों और पड़ोसियों की भीड़ जमा हो गई।

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संदीप त्रिपाठी नामक एक पड़ोसी ने बातचीत में कहा कि रविवार शाम सूचना मिली थी कि दिल्ली में जो इमारत गिरी है, अक्षत उसी में रहता था. उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी जब आई तब उसके पिता राजस्थान में थे, जहां से वह कुछ रिश्तेदारों के साथ दिल्ली निकल गए जबकि स्थानीय पार्षद और परिवार के कुछ करीबी लोग अक्षत की मां और बहन को लेकर दिल्ली रवाना हुए.

त्रिपाठी ने कहा कि अक्षत के परिजन उसे तलाशते रहे लेकिन अंत में एक परामर्श केंद्र में उन्हें सही जानकारी मिली. उन्होंने कहा कि अक्षत के माता-पिता ने उसके शरीर पर एक निशान देखकर उसकी पहचान की. उन्होंने बताया कि अक्षत के पिता भवन निर्माण का काम करते हैं जबकि मां गृहिणी हैं. उन्होंने बताया कि उनकी अक्षत के पिता से बात हुई है और रात दो-तीन बजे तक उनके कटनी पहुंचने की संभावना है.

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रक्षाबंधन पर परिवार के साथ खुशियां मनाकर दिल्ली लौटे देवास के अर्पित जाज के घर में अगले ही दिन मातम पसर गया. बी.कॉम द्वितीय वर्ष का छात्र हादसे के दिन रविवार को ही दिल्ली पहुंचा था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद परिवार से उसका संपर्क टूट गया और सोमवार को उसकी मौत की पुष्टि हुई.

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जिलाधिकारी ऋतुराज सिंह ने देवास में बताया, ‘दिल्ली के इमारत हादसे में जाज की मौत की जानकारी मिलने के बाद हमने दिल्ली प्रशासन से समन्वय किया. पोस्टमार्टम के बाद शव को एम्बुलेंस के माध्यम से दिल्ली सरकार के सहयोग से देवास भेजा गया है.’

परिजनों के अनुसार जाज ने देवास के एक विद्यालय से 12वीं तक पढ़ाई की थी और वह दिल्ली के एक महाविद्यालय में बी.कॉम द्वितीय वर्ष में पढ़ रहा था. जाज के परिवार से निकट संबंध रखने वाले विजय शर्मा ने बताया, ‘जाज रक्षाबंधन के मौके पर अपने देवास स्थित घर आया था. हम जन्माष्टमी पर देर रात तक साथ थे. मेरे दोनों बच्चों और जाज व उसकी बहन ने मिलकर कई रील बनाई थीं.’

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उन्होंने बताया कि जाज का दिल्ली वापसी का रेल टिकट आरक्षित था और वह शनिवार को देवास से रवाना होकर रविवार सुबह दिल्ली पहुंच गया था.

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शर्मा ने बताया, ‘दिल्ली पहुंचने के बाद जाज के माता-पिता की उससे फोन पर बात हुई थी. छात्र ने उन्हें बताया था कि उसने भोजन कर लिया है और यात्रा की थकान मिटाने के लिए वह कुछ देर आराम करेगा. इसके करीब डेढ़ घंटे बाद ही हादसा हो गया और उससे फोन पर दोबारा संपर्क नहीं हो सका.’

उन्होंने बताया कि हादसे की जानकारी मिलने पर जाज के माता-पिता दिल्ली पहुंचे और अलग-अलग स्थानों पर उसकी तलाश शुरू की. शर्मा ने बताया कि सोमवार को जाज का शव मिलने की पुष्टि हुई जिसके बाद से होनहार छात्र के परिवार में मातम का माहौल है.

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