दिल्ली के कई इलाकों में 17 जून को कुछ घंटों के लिए बिजली आपूर्ति प्रभावित रहने वाली है. बीएसईएस (BSES) द्वारा जारी मेंटेनेंस शटडाउन शेड्यूल के अनुसार राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मर अपग्रेडेशन, एलटी सर्किट मेंटेनेंस, फीडर मरम्मत और नेटवर्क सुधार का कार्य किया जाने है. भीषण गर्मी के बीच यह खबर उपभोक्ताओं के लिए काफी महत्वपूर्ण बन जाती है, क्योंकि निर्धारित समय के दौरान बिजली आपूर्ति बंद रह सकती है. BSES द्वारा जारी किए गए आधिकारिक मेंटेनेंस शटडाउन शेड्यूल (Maintenance Shutdown Schedule for BRPL on 16-06-2026) के अनुसार, 16 जून 2026 को दिल्ली के कई बड़े रिहायशी इलाके जैसे द्वारका, नांगलोई, पालम, समेत अन्य क्षेत्रों में तकनीकी सुधार और मरम्मत के दौरान बिजली पूरी बाधित रहेगी.

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इन इलाकों में 17 जून को रहेगी बिजली कटौती

बीएसईएस के आधिकारिक शटडाउन शेड्यूल के अनुसार नांगलोई, पालम, द्वारका, मुंडका, मोहन गार्डन, तिलक नगर और राज नगर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी. नांगलोई के अमनपुरी, कामरुद्दीन नगर और नांगलोई एक्सटेंशन में सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली बंद रहेगी. वहीं, पालम के राज नगर-2 और आसपास के क्षेत्रों में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक शटडाउन रहेगा. इतना ही नहीं, तिलक नगर स्थित पृथ्वी पार्क के ब्लॉक-बी में सुबह 11 बजे से 12:30 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी. द्वारका डिवीजन के अंतर्गत उत्तम विहार, बिंदापुर क्षेत्र में सुबह 10:06 बजे से 11:36 बजे तक बिजली कटौती होगी. मोहन गार्डन के नवादा एक्सटेंशन में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक शटडाउन निर्धारित किया गया है. इसके अलावा भी अन्य क्षेत्रों में बिजली का काम होना है, जिसकी पूरी लिस्ट हमने नीचे अपलोड कर दी है.

यहां देखें पूरा शटडाउन शेड्यूल

क्यों जरूरी है यह मेंटेनेंस शटडाउन?

भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली का जाना परेशानी भरा जरूर है, लेकिन भविष्य में किसी बड़े बड़े हादसे या अघोषित पावर कट से बचने के लिए यह रखरखाव बेहद अनिवार्य है. बिजली विभाग द्वारा कल अलग-अलग डिवीजनों में ट्रांसफार्मर नेटवर्क अपग्रेडेशन (Transformer-Network Upgradation) और एलटी सर्किट नेटवर्क अपग्रेडेशन (LT Circuit-Network Upgradation) का काम किया जाना है. इसके साथ ही, कई फीडरों और आरएमयू का मेंटेनेंस भी शेड्यूल किया गया है ताकि ओवरलोडिंग की समस्या को दूर किया जा सके. तकनीकी तौर पर सिस्टम को मजबूत करने के लिए ही यह पूर्व-निर्धारित कटौती की जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में किसी तरह की असुविधा न हो.

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