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'1500 की क्षमता, पास में 78 दूतावास और मंत्रालय', प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से जंतर-मंतर को क्यों हटाया ; दिल्ली पुलिस ने बताया

दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे वक्त से विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं. लेकिन हाल ही में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किए जाने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है. दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि जंतर-मंतर पर कभी भी प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए थी.

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दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि जंतर-मंतर पर कभी भी प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए थी. (Photo: ANI)

दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे वक्त से विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं. लेकिन हाल ही में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किए जाने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है. दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि जंतर-मंतर पर कभी भी प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए थी. दिल्ली पुलिस के तरफ से अदालत में एक हलफनामा दायर किया गया है, जिसमें कमिश्नर अनुराग कुमार ने कहा कि जंतर-मंतर पर बड़ी भीड़ के लिए जगह नहीं है, इसलिए वहां विरोध-प्रदर्शन करने पर रोक लगाई गई है. साथ ही ये संवेदनशील सरकारी संस्थानों और विदेशी दूतावासों के काफी नजदीक है.

ये भी पढ़ें: जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट के तौर पर हटाने का आदेश किसने दिया? दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को दिया जवाब

दिल्ली पुलिस कमिश्नर का तर्क

कमिश्नर अनुराग कुमार ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर एक बार में सिर्फ 1500 लोगों के इकट्ठे होने की जगह है. उन्होंने वैकल्पिक जगहों के तौर पर रामलीला मैदान, सीबीडी ग्राउंड और बुराड़ी ग्राउंड का सुझाव दिया. पुलिस कमिश्नर ने बताया कि ये फैसला गृह मंत्रालय की एक कमेटी की सिफारिश पर लिया गया है और इसे एक प्रशासनिक फैसला बताया. हलफनामे में ये भी कहा गया है कि संविधान में किसी जगह पर विरोध प्रदर्शन करने के बारे में कोई मौलिक अधिकार नहीं है.

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क्या है मामला?

दरअसल, एडवोकेट स्वाति सिंह ने संवैधानिक आधार पर डीनोटिफिकेशन को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी, जिसके जवाब में दिल्ली पुलिस की तरफ से ये हलफनामा सबमिट किया गया है. दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने 12 अक्टूबर को एक आदेश जारी करते हुए जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने से पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था. हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी समेत छात्रों और युवाओं के कई संगठनों ने इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ मिलकर जंतर-मंतर और बाकी इलाकों में विरोध-प्रदर्शन किए थे. इन प्रदर्शनों के दौरान गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने के आरोप में पुलिस ने हजारों लोगों को हिरासत में लिया.

ये भी पढ़ें: जंतर-मंतर को डी-नोटिफाई करने की वजह क्या थी? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस, दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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