FIR Against Wrestlers: भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर रहे पहलवानों पर दर्ज मुकदमे रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने बताया कि दर्ज केस वापस लेने के लिए सरकार को एक अनुरोध भेज दिया गया है। सरकार से मंजूरी मिलते ही पहलवानों पर दर्ज मुकदमे खारिज कर दिए जाएंगे। पहलवानों पर ये केस 28 मई को दर्ज हुए थे। पहलवानों ने धारा 144 लागू होने के बावजूद जंतर-मंतर से निकलकर प्रदर्शन किया था। पहलवान नई संसद के सामने पंचायत करने पर अड़े थे। उसी दिन नई संसद का पीएम मोदी ने उद्घाटन किया था। पुलिस ने बजरंग पूनिया, वीनेश फोगाट, साक्षी मलिक जैसे शीर्ष पहलवानों को हिरासत में ले लिया था। साथ ही जंतर-मंतर पर लगे टेंट को उखाड़ दिया था।

बृजभूषण के खिलाफ नहीं मिला कोई सबूत

दिल्ली पुलिस को जांच के दौरान नाबालिग की ओर से बृजभूषण के खिलाफ लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं मिली है। इसके बाद गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में 550 पेज की कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की है। मांग की गई है कि बृजभूषण के खिलाफ लगाए गए पॉक्सो एक्ट का मामला वापस लिया जाए। सुनवाई की अगली तारीख 4 जुलाई है। बता दें कि कैंसिलेशन रिपोर्ट उन मामलों में दायर की जाती है जब कोई पुष्टिकारक साक्ष्य नहीं मिलता है। उधर, दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों में दो अदालतों में चार्जशीट दाखिल की। पहली चार्जशीट 6 बालिग महिला पहलवानों की शिकायत पर दर्ज केस में रॉउज एवन्यू कोर्ट में दाखिल की गई, जबकि दूसरी चार्जशीट पटियाला कोर्ट में नाबालिग की शिकायत पर दर्ज केस में दाखिल की गई है।

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

दिल्ली पुलिस ने कहा कि POCSO मामले में जांच पूरी होने के बाद, हमने शिकायतकर्ता यानी नाबालिग पीड़िता के पिता और स्वयं पीड़िता के बयानों के आधार पर मामले को रद्द करने का अनुरोध करते हुए धारा 173 CrPC के तहत एक पुलिस रिपोर्ट प्रस्तुत की है। दिल्ली पुलिस पीआरओ सुमन नलवा ने कहा कि हमने बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ धारा 354, 354-A एवं D के अंतर्गत चार्जशीट दाखिल की है और विनोद तोमर के ख़िलाफ़ धारा 109, 354, 354 (A), 506 के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर की है। हमने POCSO में शिकायतकर्ता और कथित आरोपी के बयान के तहत कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की है। आरोपों में चार्जशीट पर विशेष लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव का कहना है कि आईपीसी की धारा 354, 354डी, 354ए और 506 (1) के तहत चार्जशीट दायर की गई है। यह भी पढ़ें: Tamil Nadu: अपने खर्च पर इलाज करा सकेंगे मंत्री सेंथिल, मद्रास HC के आदेश पर कावेरी अस्पताल में शिफ्ट