Delhi Summer Water Crisis 2026: दिल्ली में बढ़ती गर्मी के बीच अब पानी की समस्या ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी दिल्ली के कई बड़े इलाकों में रहने वाले लोगों को अगले कुछ दिनों तक पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है. दरअसल, दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक यमुना नदी के पानी में अमोनिया की मात्रा तय सीमा से काफी ज्यादा पहुंच गई है, जिसकी वजह से वजीराबाद और चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. यही वजह है कि इसका सीधा असर शहर के कई इलाकों में जल आपूर्ति पर पड़ेगा.
वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में उत्पादन हुआ प्रभावित.
वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में उत्पादन हुआ प्रभावित
दिल्ली जल बोर्ड ने बताया कि यमुना के पानी में बढ़े प्रदूषण के कारण दोनों वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक प्रभावित हुई है. यही वजह है कि जिन इलाकों में इन प्लांटों से पानी की सप्लाई होती है, वहां अगले कुछ दिनों तक पानी की कमी की परेशानी बनी रह सकती है.
हालांकि, बोर्ड का कहना है कि हालात सामान्य होने तक लोगों को कम प्रेशर से पानी मिलेगा. हालांकि अभी यह साफ नहीं किया गया है कि स्थिति पूरी तरह कब तक सुधरेगी, लेकिन जल बोर्ड ने यह साफ कर दिया है कि जब तक हालात ठीक नहीं होते, तब तक यह संकट चलता रहेगा और पानी कम दबाव के साथ आता रहेगा. इतना ही नहीं, बोर्ड ने लोगों से जरूरत के मुताबिक पानी का इस्तेमाल करने और बर्बादी से बचने की अपील की है.
इन इलाकों में सबसे ज्यादा असर पड़ेगा
वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े मजनू का टीला, आईएसबीटी, जीपीओ, एनडीएमसी क्षेत्र, आईटीओ, हंस भवन, एलएनजेपी अस्पताल, डिफेंस कॉलोनी, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, राजघाट, आईपी इमरजेंसी, रामलीला मैदान, दिल्ली गेट, सुभाष पार्क, गुलाबी बाग, तिमारपुर, एसएफएस फ्लैट्स, पंजाबी बाग, आजादपुर, शालीमार बाग, वजीरपुर, लॉरेंस रोड, मॉडल टाउन, जहांगीरपुरी, मूलचंद, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश, बुराड़ी, कैंटोनमेंट क्षेत्र और चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े एनडीएमसी क्षेत्र, करोल बाग, झंडेवालान, हिंदूराव, सिविल लाइंस, पटेल नगर, राजेंद्र नगर और शादीपुर जैसे इलाकों में भी जलापूर्ति प्रभावित रहेंगे.
अधिकारियों का कहना है कि समस्या को जल्द ठीक करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन तब तक लोगों को पानी का इस्तेमाल सोच-समझकर करना होगा.