राजधानी दिल्ली के निवासियों के लिए बिजली विभाग से जुड़ी सेवाओं का लाभ उठाना अब और भी सुगम हो गया है. दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलरिटी कमीशन (DERC) द्वारा जारी ताज़ा सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, नया बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं. रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाले प्रशासनिक ढांचे के तहत, अब उपभोक्ताओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और अधिकारियों की 'विजिट' का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी. पहले नया मीटर लगवाने के लिए आवेदन के बाद बिजली कंपनी के कर्मचारी घर या दुकान का मुआयना करने आते थे, जिसे 'साइट इंस्पेक्शन' कहा जाता था. इसमें अक्सर समय की बर्बादी और देरी होती थी. अब इस नियम को पूरी तरह हटा दिया गया है. अब सीधे मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे समय की बचत होगी.

जेब पर नहीं पड़ेगा एकमुश्त बोझ

नए नियमों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब आपको आवेदन के समय कोई एडवांस फीस या सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं देना होगा. पहले जहां कनेक्शन के लिए हजारों रुपये पहले जमा करने पड़ते थे, वहीं अब यह शुल्क आपके पहले बिजली बिल में जुड़कर आएगा. इससे मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी. प्रशासन का मानना है कि इन बदलावों से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि बिचौलियों का खेल भी खत्म होगा. अब उपभोक्ता घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. यह कदम दिल्ली में 'ईज ऑफ लिविंग' को बढ़ावा देने की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है.

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शिकायतों के लिए 3-लेयर व्यवस्था

सिर्फ कनेक्शन ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुलझाने के लिए भी सिस्टम को पहले से ज्यादा मजबूत और सख्त बनाया गया है. यदि आपको बिजली सेवा या बिलिंग में कोई समस्या आती है, तो आप इन चरणों में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. सबसे पहले आप अपनी डिस्कॉम (जैसे BSES या टाटा पावर) के फोरम में शिकायत करेंगे. यदि आप फोरम के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं, तो मामले को ओम्बड्समैन के पास ले जा सकते हैं. सबसे अंत में, आप सीधे दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) का दरवाजा खटखटा सकते हैं.

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