इन बसों में सफर करने वाले लोगों से न्यूनतम किराया उतना लिया जाएगा, जितना डीटीसी की एसी बसों में अधिकतम किराया है। उससे अधिक किराया नहीं लिया जाएगा। इस योजना को लाने का मकसद शहर में वाहनों की कमी करना और प्रदूषण घटाना है। दिल्ली की सरकार योजना को मंजूरी दे चुकी है। अगस्त में जो मसौदा सरकार लाई थी, उसे दिल्ली मोटर व्हीकल्स लाइसेंस ऑफ एग्रीगेटर (प्रीमियम बसें) योजना 2023 का नाम दिया गया है।
लोगों से भी योजना को लेकर ली गई थी राय
जिसके बाद लोगों से भी राय मांगी गई थी। इस योजना में हाई मिडिल क्लास और मिडिल क्लास को शामिल करने पर फोकस रखा गया है। लग्जरी प्रीमियम बसों में रोजाना ऑफिशियल वर्क के लिए जाने वाले लोग अप और डाउन कर सकेंगे। खास बात होगी कि रूट ट्रैफिक के आधार पर तय होगा, सरकार कोई दखल नहीं देगी। अगर किसी कारण रास्ता बदलता है, तो इसकी सूचना 7 दिन पहले देनी होगी। परमिटधारक सिर्फ यात्रियों को निश्चित बस क्यू शेल्टर पर उतार सकेंगे।
ऑनलाइन सेवा का लाभ लेने के लिए कंपनी को पूरा विवरण देना होगा। सिर्फ ऐप और वेब से ही बुकिंग के बाद सीट डिसाइड होगी। यात्रियों से डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मोड से पेमेंट ली जाएगी। किराया, रूट और कर्मचारियों के बारे में तभी जानकारी दी जाएगी। अगर स्टॉप आने से 10 मिनट पहले बुकिंग आती है, तो सफर के बीच में भी लोगों को बैठाया जाएगा। सफर से पहले अपना नाम, ऐज, लिंग आदि की जानकारी देनी होगी।
बिना लिस्ट में शामिल लोग नहीं कर सकेंगे सफर
सभी बुकिंग वन दिल्ली ऐप से लिंक होंगी। बिना लिस्ट में शामिल लोगों को सफर की परमिशन नहीं होगी। प्रीमियम बसों में एक बार में 12 लोगों को ही बैठाया जा सकेगा। जिन कंपनियों के पास सार्वजनिक बस सेवा का 3 साल का अनुभव होगा, उनको ही परिवहन विभाग मौका देगा। एग्रीगेटर को महिलाओं की सुरक्षा का ध्यान रखना होगा। एक पैनिक बटन मोबाइल ऐप या वेब के जरिए महिलाओं को देना होगा।
शिकायतों के शीघ्र समाधान के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम करना होगा। एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेंस (एपीआई) बेस्ड प्रक्रिया को इसमें शामिल करना होगा। जिस तारीख से अधिसूचना जारी होगी, उससे 3 साल से ज्यादा की रजिस्टर्ड बस योजना में शामिल नहीं होगी। नई सभी नियमों को पूरा करने वाली प्रीमियम बस को ही इसमें शामिल किया जाएगा। चाहे सीएनजी की एसी बस हो या फिर इलेक्ट्रिक। बीएस-6 मानक सभी बसों को पूरा करना होगा।