Delhi Mumbai Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से यानी डीएनडी महारानी बाग से जैतपुर पुश्ता रोड तक के 9 किलोमीटर लंबे मार्ग का काम लगभग खत्म हो गया है. अब केवल कालिंदी कुंज के पास आगरा कैनाल पर बन रहे स्टील नेटवर्क आर्क ब्रिज पर अंतिम चरण का काम चल रहा है. मंगलवार से इस पुल में एक्सपेंशन ज्वाइंट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जो 16 मई तक चलेगी. इसके तुरंत बाद ब्रिज के हिस्से पर डामरीकरण यानी सड़कों को पक्का करने का काम किया जाएगा. इस पूरे हिस्से की तैयारी और गुणवत्ता को परखने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी 19 मई को खुद साइट का दौरा करेंगे. एनएचएआई ने इस महत्वपूर्ण विजिट के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं और साइट पर टेंट लगाने का काम भी जारी है.

देश का सबसे लंबा नेटवर्क आर्क ब्रिज है इसकी पहचान

इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत आगरा कैनाल के ऊपर बना 140 मीटर लंबा नेटवर्क आर्क ब्रिज है. अधिकारियों के मुताबिक यह अपनी तरह का देश का सबसे लंबा ब्रिज है जिसे विशेष तकनीक से तैयार किया गया है. हालांकि इस पुल के निर्माण में हुई देरी के कारण प्रोजेक्ट अपनी तय समय सीमा से थोड़ा पिछड़ गया था. इस 9 किलोमीटर के हिस्से का निर्माण कार्य 11 जनवरी 2022 को शुरू किया गया था. एक हफ्ते में निर्माण कार्य पूरी तरह खत्म होने के बाद अगले एक महीने तक पुल की भार वहन क्षमता और अन्य तकनीकी पहलुओं की कड़ी टेस्टिंग की जाएगी. विशेषज्ञों का मानना है कि जून के दूसरे या तीसरे हफ्ते तक इस रास्ते को आम जनता के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाएगा.

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50 किमी हिस्सा पहले से चालू और नोएडा को फायदा

बता दें कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा पहले से ही जनता की सेवा में है. जैतपुर पुश्ता रोड से फरीदाबाद सेक्टर-65 तक का 24 किलोमीटर और वहां से सोहना तक का 26 किलोमीटर का हिस्सा चालू हो चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2023 में ही सोहना-दौसा खंड का उद्घाटन किया था. अब डीएनडी वाला यह हिस्सा शुरू होने से दिल्ली के साथ-साथ नोएडा और गाजियाबाद के लोगों को भी जबरदस्त फायदा मिलेगा. उन्हें फरीदाबाद या सोहना जाने के लिए शहर के भारी ट्रैफिक से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा. इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि यात्रा के समय में भी भारी कमी आएगी. यह एक्सप्रेसवे दिल्ली एनसीआर की कनेक्टिविटी को एक नए लेवल पर ले जाएगा.

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दक्षिणी दिल्ली के लिए नई लाइफलाइन और 7100 करोड़ का निवेश

लगभग 7100 करोड़ रुपये की लागत वाली यह पूरी परियोजना दक्षिणी दिल्ली के लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी के अनुसार कालिंदी कुंज चौक को सिग्नल मुक्त करने के लिए भी 500 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है जिससे वहां अंडरपास और फ्लाईओवर बनाए जाएंगे. जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे प्रोजेक्ट का भव्य उद्घाटन करेंगे. इस मार्ग के खुलने के बाद आश्रम और कालिंदी कुंज जैसे इलाकों में लगने वाले भीषण जाम से राहत मिलेगी. यह एक्सप्रेसवे न केवल दिल्ली और मुंबई की दूरी कम कर रहा है बल्कि स्थानीय यात्रियों के लिए एक नई लाइफलाइन बनकर उभर रहा है. आने वाले दिनों में यह रास्ता दिल्ली के विकास की नई इबारत लिखेगा.

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