Delhi Metro Phase 5A: दिल्लीवालों के लिए एक बेहद शानदार खबर है. देश की राजधानी में कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए आरके आश्रम से इंद्रप्रस्थ मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण कार्य आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है. दिल्ली मेट्रो के फेज 5A के तहत बनने वाले इस बेहद खास कॉरिडोर पर कुल 12,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम खर्च आने वाला है. यह नया रूट दिल्ली मेट्रो की मजेंटा लाइन के विस्तार के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 9.913 किलोमीटर होगी. इस प्रोजेक्ट को दिसंबर 2025 में कैबिनेट की मंजूरी मिली थी और अब इस पर जमीन पर काम भी दिखने लगा है.

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यह है पूरी स्टेशन लिस्ट

अधिकारियों के मुताबिक, इस नए रूट के चार प्रमुख स्टेशनों पर कंस्ट्रक्शन का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है. इनमें शिवाजी स्टेडियम, युगे युगीन भारत, केंद्रीय सचिवालय और कर्तव्य भवन स्टेशन शामिल हैं. अगर इस पूरे कॉरिडोर के स्टेशन रूट की बात करें, तो इसमें कुल 10 स्टेशन प्रस्तावित हैं. इस लिस्ट में आरके आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, युगे युगीन भारत, केंद्रीय सचिवालय, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ शामिल हैं. इन स्टेशनों के बनने से दिल्ली के सबसे व्यस्त प्रशासनिक और पर्यटन क्षेत्रों में सफर बेहद आसान हो जाएगा.

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क्यों खास है यह मेट्रो रूट?

यह नया मेट्रो कॉरिडोर सीधे तौर पर भारत के प्रशासनिक और शासन व्यवस्था के दिल कहे जाने वाले इलाकों से होकर गुजरेगा. इस रूट के चालू होने से सेंट्रल विस्टा, भारत मंडपम, इंडिया गेट परिसर, केंद्रीय सचिवालय, तमाम सरकारी दफ्तरों, अदालतों और प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा. लुटियंस दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के इन इलाकों में दफ्तरों के समय, बड़े आयोजनों और पर्यटकों की भारी भीड़ की वजह से सालों से ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या रही है. मेट्रो का यह नया कॉरिडोर चालू होते ही लोगों को इस रोजाना के दर्दनाक ट्रैफिक बॉटलनैक से पूरी तरह राहत मिल जाएगी.

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इन इलाकों को होगा बंपर फायदा

इंफ्रास्ट्रक्चर के इस बड़े अपग्रेड से दिल्ली के रियल एस्टेट मार्केट को भी एक नई रफ्तार मिलने वाली है. कम्यूटिंग टाइम घटने से सेंट्रल दिल्ली के आसपास के रिहायशी इलाकों में घरों की डिमांड और किराये में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. इसके साथ ही सरकारी दफ्तरों और बिजनेस सेंटर्स के नजदीक होने के कारण कमर्शियल स्पेस और को-वर्किंग ऑफिस की मांग भी बढ़ेगी. इस प्रोजेक्ट से कनॉट प्लेस, आईटीओ, मिंटो रोड, गोले मार्केट के साथ-साथ पश्चिम दिल्ली (जनकपुरी, राजौरी गार्डन) और पूर्वी दिल्ली के उन लाखों नौकरीपेशा लोगों को सीधा फायदा होगा जो रोज काम के सिलसिले में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट या कनाट प्लेस आते हैं.

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