Delhi MCD Survey: दिल्ली में मानसून की दस्तक के साथ ही पुरानी और कमजोर इमारतों के गिरने का खतरा अचानक बेहद बढ़ गया है. दिल्ली नगर निगम (MCD) द्वारा कराए गए ताजा भवन सुरक्षा सर्वेक्षण (सर्वे) में राजधानी की कई इमारतों को लेकर बेहद चौंकाने वाली और चिंताजनक स्थिति सामने आई है. एमसीडी ने इस सालाना सर्वे में कुल 27 इमारतों को पूरी तरह से जर्जर और इंसानी आबादी के लिए बेहद खतरनाक घोषित कर दिया है. इसके अलावा 125 भवन ऐसे पाए गए हैं, जिनकी हालत बहुत खस्ता है और उन्हें तुरंत मरम्मत की जरूरत है. MCD ने सख्त चेतावनी दी है कि खतरनाक घोषित इमारतों को अगर तुरंत खाली नहीं किया गया या जर्जर भवनों की मरम्मत नहीं कराई गई, तो संबंधित मालिकों के खिलाफ सख्त कानूनी एक्शन और भारी जुर्माना लगाया जाएगा.

दिल्ली में हर साल मानसून (जुलाई-सितंबर) के दौरान पुरानी दिल्ली, जाफराबाद और पहाड़गंज जैसे इलाकों में मकान या उसकी छत गिरने से औसतन 5 से 10 बड़े हादसे दर्ज होते हैं. पिछले सालों के अनुभवों से सबक लेते हुए ही MCD ने इस बार बारिश शुरू होते ही 32 लाख से अधिक भवनों की प्री-मानसून स्क्रूटनी पूरी की है.

32 लाख से ज्यादा भवनों की हुई जांच

एमसीडी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल सुरक्षा जांच के लिए कुल 32,55,909 भवनों को सर्वे के दायरे में रखा गया था. इनमें से अधिकारियों की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए 29,94,179 भवनों का जमीनी निरीक्षण किया. इस व्यापक जांच प्रक्रिया के दौरान 27 इमारतें ढांचागत रूप से इतनी कमजोर मिलीं कि उन्हें किसी भी वक्त गिर सकने वाली श्रेणी (असुरक्षित) में डाल दिया गया. बाकी 125 भवनों को ऐसी श्रेणी में रखा गया है जिनकी मरम्मत कराकर उन्हें सुरक्षित बनाया जा सकता है.

सिटी-सदर पहाड़गंज ज़ोन में सबसे ज्यादा खतरा

MCD की रिपोर्ट के मुताबिक, पुरानी दिल्ली और संकरी गलियों वाले इलाकों में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है. सिटी-सदर पहाड़गंज जोन में दशकों पुराने मकानों और बढ़ते कंस्ट्रक्शन प्रेशर के कारण मानसून के दौरान छज्जे या दीवार गिरने का जोखिम सबसे अधिक है.
इसके अलावा करोल बाग और पश्चिमी दिल्ली के जोनों में भी कई जर्जर भवनों की पहचान की गई है. निगम ने साफ किया है कि जिन 27 बिल्डिंग्स से आसपास के लोगों को तत्काल खतरा था, उन्हें तुरंत सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

एमसीडी ने शुरू की सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई

खतरे की गंभीरता को देखते हुए एमसीडी ने तुरंत कड़ा रुख अपना लिया है. खतरनाक घोषित की जा चुकीं सभी 27 इमारतों के मालिकों और वहां रह रहे किरायेदारों को तुरंत मकान खाली करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं. जिन मकानों से आसपास के लोगों को तत्काल खतरा था, उन्हें एमसीडी ने सील करना भी शुरू कर दिया है. इसके साथ ही करोल बाग और पश्चिमी दिल्ली समेत अन्य जोनों में जिन 125 भवनों की मरम्मत मुमकिन है, उनके मालिकों को अपने खर्च पर तुरंत मरम्मत का काम पूरा करने का अंतिम नोटिस थमा दिया गया है. निगम ने साफ चेतावनी दी है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.