मुख्य बिंदु
दिल्ली ने रियल-टाइम धूल निगरानी के लिए AI-आधारित 'डस्ट पोर्टल 2.0' लॉन्च किया.
ये सिस्टम नियमों के उल्लंघन का पता लगाने के लिए 360-डिग्री कैमरों, सेंसर और AI का यूज करता है.
तकरीबन 800 कंस्ट्रक्शन साइट्स पहले ही पोर्टल से जुड़ी हुई हैं.
आसान निगरानी के लिए ये प्लेटफॉर्म अब मोबाइल ऐप के तौर पर भी अवेलेबल है.
ये पहल 'क्लीन एयर, हेल्दी दिल्ली' कैंपेन को सपोर्ट करती है.
Delhi Government Launched Dust Portal 2.0: देश की राजधानी में प्रदूषण की एक बड़ी वजह धूल के कण हैं, इसको देखते हुए दिल्ली सरकार ने 'डस्ट पोर्टल 2.0' लॉन्च किया है. यह AI-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसे कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज से होने वाले डस्ट पॉल्यूशन की ट्रैकिंग को मजबूत करने के लिए बनाया गया है. सीएम रेखा गुप्ता ने इस अपग्रेडेड सिस्टम को ऑफिशियली पर लॉन्च किया है. इसका मकसद रियल-टाइम ट्रैकिंग, ऑटोमेटेड अलर्ट और पर्यावरण नियमों को बेहतर ढंग से लागू करके एयर क्वालिटी में सुधार करना है.
---विज्ञापन---
लाइव डेटा मिलेगा
नया पोर्टल मैनुअल मॉनिटरिंग की जगह एडवांस्ड टेक्नोलॉजी पर बेस्ड सिस्टम का इस्तेमाल करेगा. 360-डिग्री कैमरों और प्रॉल्यूशन सेंसर से लैस कंस्ट्रक्शन साइट्स लगातार दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी (DPCC) को लाइव डेटा भेजेंगी. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इस जानकारी का एनालाइज करेगा और जब भी डस्ट कंट्रोल के नियमों का उल्लंघन होगा या मॉनिटरिंग की मशीन काम करना बंद कर देंगे, तो अधिकारियों को तुरंत अलर्ट करेगा.
---विज्ञापन---
कंस्ट्रक्शन साइट्स की निगरानी
दिल्ली सरकार के मुताबिक, शहर में लगभग 1,800 कंस्ट्रक्शन साइट्स हैं, जिनमें से अभी 800 से 900 साइट्स चालू हैं. तकरीबन 800 साइट्स को पहले ही नए निगरानी सिस्टम से जोड़ा जा चुका है. अधिकारियों का मानना है कि इससे नियमों के उल्लंघन की पहचान तेजी से करने और धूल कम करने के दिशा-निर्देशों का पालन बेहतर ढंग से एनश्योर करने में मदद मिलेगी.
---विज्ञापन---
डिटेल्ड इंफॉर्मेशन
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि ये पोर्टल कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स के बारे में डिटेल्ड जानकारी देगा, जिसमें इमारत का आकार, मंजिलों की संख्या और प्रॉल्यूशन लेवल शामिल है. उन्होंने कहा कि अपग्रेडेड प्लेटफॉर्म अब मोबाइल ऐप के तौर पर भी अवेलेबल है, जिससे अधिकारी कहीं से भी साइट्स की निगरानी कर सकते हैं और कार्रवाई कर सकते हैं.
---विज्ञापन---
AQI में होगा सुधार?
ये लॉन्च सरकार की 'साफ हवा, स्वस्थ दिल्ली"' पहल का हिस्सा है. राज्य ने राजधानी में हवा की क्वालिटी में सुधार और प्रदूषण कम करने के लिए 7 साल के प्लान पर वर्ल्ड बैंक के साथ साझेदारी भी की है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल निगरानी का इस्तेमाल करके, सरकार का मकसद कंस्ट्रक्शन साइट्स पर ज्यादा ट्रांसपेरेंसी, तेजी से नियमों को लागू करना और बेहतर एनवायरनमेंटल मैनेजमेंट एनश्योर करना है.
दिल्ली में आमतौर पर सर्दी का मौसम शुरू होने से पहले पॉल्यूशन लेवल काफी ज्यादा बढ़ जाता है, इससे बचने के लिए ऑड-ईवन रूल , कंस्ट्रक्शन साइट्स को कुछ वक्त के लिए बंद किया जाता रहा है. अब देखना होगा कि एआई टैकिंग के जरिए क्या डस्ट पॉल्यूशन पर लगाम लगाई ज सकती है?
---विज्ञापन---
निष्कर्ष
'डस्ट पोर्टल 2.0' टेक्नोलॉजी के जरिए कंस्ट्रक्शन से जुड़े एयर पॉल्यूशन को कम करने की दिल्ली की कोशिशों में एक बड़ा कदम है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लाइव निगरानी और ऑटोमेटेड अलर्ट को मिलाकर, इस प्लेटफॉर्म से पर्यावरण नियमों का पालन बेहतर होने और नियमों के उल्लंघन पर तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है. सरकार की साफ हवा से जुड़ी बड़ी पहलों और प्रदूषण को नियंत्रित करने की लंबी अवधि की योजनाओं के साथ-साथ, इस अपग्रेडेड पोर्टल का मकसद निगरानी को ज्यादा पारदर्शी, कुशल और असरदार बनाना है, ताकि नेशनल कैपिटल के लोगों के लिए एयर क्वॉलिटी बेहतर हो सके.