Delhi Lakshmi Yojana Eligibility: दिल्ली कैबिनेट ने 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' को मंजूरी दे दी है. ये एक कल्याणकारी योजना है जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की एलिजिबल महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये दिए जाएंगे. इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन 1 अगस्त से शुरू होगा, और पहली किस्त 28 अगस्त को रक्षाबंधन के मौके पर जारी की जाएगी.
---विज्ञापन---
सीएम रेखा करेंगी लॉन्च
सीएम रेखा गुप्ता सुबह 11 बजे पोर्टल का शुभारंभ करेंगी, ये कार्यक्रम डीएम कार्यालय (पूर्व), गीता कॉलोनी में आयोजित होगा. पोर्टल लॉन्च होते ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी. मुख्यमंत्री खुद पहली पात्र महिलाओं का रिजिस्ट्रेशन और आवेदन कराएंगी. सरकार का लक्ष्य रक्षाबंधन पर पहली किस्त जारी करना है. इस योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक मदद देना और उनमें बचत की आदत को बढ़ावा देना है. हालांकि, इसके लिए कुछ खास एलिजिबिलिटी जरूरी हैं और कई तरह की महिलाओं को इस प्रोग्राम से बाहर रखा गया है. सरकार ने मासिक सहायता पाने के लिए 2 विकल्प भी बताए हैं.
---विज्ञापन---
कौन हैं एलिजिबल?
- महिला दिल्ली की निवासी होनी चाहिए और कम से कम 10 साल से वहां रह रही हो.
- महिला की उम्र 18 से 59 साल के बीच होनी चाहिए.
- एप्लिकेंट और परिवार के सदस्यों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए.
- एक परिवार से सिर्फ एक ही एलिजिबल महिला को फायदा मिल सकता है, और वो परिवार की सबसे बड़ी एलिजिबल महिला होनी चाहिए.
- परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
कौन महिला एलिजिबल नहीं हैं?
- जिन महिलाओं के 3 से ज्यादा जीवित बच्चे हैं.
- इनकम टैक्स देने वाले या GST रिटर्न भरने वाले.
- वो लोग जो पहले से ही सरकारी पेंशन या नियमित आर्थिक सहायता पा रहे हैं.
- सरकारी कर्मचारी.
- ऐसे परिवार जिनके सदस्य केंद्र या राज्य सरकार, PSU या अन्य सरकारी संगठनों में काम करते हैं.
- ऐसे परिवार जिनके पास 4 व्हीलर है.
- ऐसे परिवार जिनकी सालाना बिजली की खपत 2,400 यूनिट से ज्यादा है.
किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?
- आधार कार्ड.
- वोटर आई कार्ड.
- परिवार के सदस्यों के पहचान पत्र.
- दिल्ली में कम से कम 10 साल से रहने की पुष्टि करने वाला स्व-घोषणा पत्र.
- सेल्फ डिक्लेरेशन दें कि आवेदक और परिवार के सदस्यों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है.
पेमेंट ऑप्शंस
बेनेफिशियरी पेमेंट के 2 ऑप्शंस में से चुन सकते हैं. पहले विकल्प के तहत, 1,500 रुपये रिकरिंग या फिक्स्ड डिपॉज़िट में जमा किए जाएंगे, जबकि 1,000 रुपये मंज़ूर की गई खरीदारी के लिए डिजिटल रुपया वॉलेट में डाले जाएंगे. दूसरा ऑप्शन ये है कि पूरे 2,500 रुपये को 3 साल के लॉक-इन पीरियड के साथ रिकरिंग या फिक्स्ड डिपॉज़िट में जमा किया जा सकता है, जिसके बाद जमा हुई रकम और उस पर मिला ब्याज लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा.
---विज्ञापन---