साल 2020 के दिल्ली दंगा केस में कड़कड़डूमा कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी करार दिया है. अंकित शर्मा की 2020 के दंगों में नोर्थ ईस्ट दिल्ली में हत्या कर दी गई थी. कोर्ट ने ताहिर हुसैन के साथ नाजिम, काशिम, अनस, जावेद को भी मर्डर, अपहरण, दुश्मनी फैलाने और दंगों का दोषी करार दिया है.

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इस मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ ट्रायल चल रहा था, जिनमें से छह आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सजा पर बहस की तारीख अभी कोर्ट ने तय नहीं की है. फैसला सुनाए जाने के बाद कोर्ट परिसर में ताहिर हुसैन रोने लगा. कोर्ट अब दोषियों को कितनी सजा मिलेगी, इस पर आगे सुनवाई करेगी.

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नाले में मिला था अंकित का शव

बता दें, अंकित शर्मा का मर्डर फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा के दौरान हुई थी. अंकित का शव चांद बाग इलाके के एक नाले से मिला था. कड़कड़डूमा कोर्ट के इस फैसले को साल 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े प्रमुख मामलों में से एक माना जा रहा है.

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अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दयालपुर पुलिस स्टेशन में 26 फरवरी 2020 को एफआईआर दर्ज की गई थी. पिता ने शिकायत में बताया था कि अंकित शर्मा 25 फरवरी को घर का सामान खरीदने के लिए निकले थे. लेकिन घरवाले इंतजार करते रहे, अंकित वापस नहीं लौटे. परिवार के लोग जब उन्होंने ढूंढ़ने निकले तो स्थानीय लोगों ने बताया कि एक शव नाले में मिला है. बाद में जब पुलिस ने नाले की तलाशी ली तो वहां से अंकित शर्मा का शव बरामद हुआ.

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