दिल्ली के कालकाजी में आपसी कहासुनी इतनी ज्यादा बड़ी बन गई कि एक शख्स को जान से मार दिया गया. मृतक की पहचान मंजीत सिंह उर्फ बंटी घड़ियाल के तौर पर हुई है. ये घटना कालकाजी की बताई जा रही है. पुलिस के मुताबिक, रात करीब 12 बजकर 3 मिनट पर पुलिस को एक पीसीआर कॉल आई, जिसमें बताया गया कि L-8, ग्राउंड फ्लोर, कालकाजी में झगड़ा हुआ है. जानकारी मिली की ग्राउंड फ्लोर और तीसरी मंजिल पर रहने वालों के बीच कहासुनी हुई है, जो धीरे-धीरे मारपीट में बदल गई.
दोनों भाईयों को पीटा
पुलिस सूचना मिलते ही वहां पहुंची तो पता चला कि बंटी और उनके भाई दिलबाग सिंह जमीन पर बेसुध पड़े थे. पुलिस ने बिना देरी किए दोनों को एम्स के ट्ऱ़ॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां पर मंजीत सिंह उर्फ बंटी को डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया. गनीमत है कि उनके भाई दिलबाग सिंह की जान बच गई, फिलहाल उनका इलाज जारी है. हालांकि दिलबाग सिंह को भी काफी चोटें आई हैं. पीड़ित परिवार का आरोप है कि बंटी को आपसी विवाद के बीच पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया.
बहन ने बताई आपबीती
मृतक बंटी की बहन ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए इस पूरी वारदात का सच सामने रख दिया. उन्होंने आरोप लगाए कि उनके भाई के साथ मार-पीट की गई. मृतक की बहन ने कहा, ” मेरे भाई को ऑन द स्पॉट मौत के घाट उतार दिया. रज्जी चौधरी, उनके बेटे और पति ने मिलकर मेरे भाई के सिर पर वार किया और लात-घूंसों से तब तक मारा, जब उसने दम नहीं तोड़ दिया.” मंजीत और दिलबाग की बहन ने आगे बताया कि जैसे ही उनके पास फोन आया वो तुरंत वारदात की जगह पहुंचे और दोनों भाईयों को आरोपियों से छुड़ाने की बेहद कोशिश की. उन्होंने कहा- ”हमने लोगों से चिल्लाकर मदद मांगी, लेकिन कोई आगे नहीं आया, सब सिर्फ वीडियो बना रहे थे.” फिलहाल, पुलिस पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. उम्मीद है कि मंजीत सिंह और दिलबाग सिंह को जल्द इंसाफ मिलेगा.