Barrier Free Toll: दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) पर सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस व्यस्त मार्ग पर टोल वसूली की पूरी व्यवस्था को आधुनिक और हाईटेक बनाने जा रहा है. जल्द ही इस रूट के प्रमुख टोल प्लाजा पर वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा और टोल टैक्स सीधे डिजिटल माध्यम से अपने आप कट जाएगा. नई व्यवस्था के लागू होने के बाद यात्रियों का सफर पहले से कहीं अधिक तेज, आसान और आरामदायक होने की उम्मीद है. इस बड़े बदलाव से टोल नाकों पर लगने वाली गाड़ियों की लंबी कतारों और भयंकर ट्रैफिक जाम की समस्या से हमेशा के लिए परमानेंट मुक्ति मिल जाएगी.

जून में बैरियर-फ्री होंगे तीन बड़े टोल प्लाजा

एनएचएआई ने दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर स्थित तीन सबसे महत्वपूर्ण टोल प्लाजा को पूरी तरह से बैरियर-फ्री बनाने की तैयारी पूरी कर ली है. इनमें दौलतपुरा, शाहजहांपुर और मनोहरपुर टोल प्लाजा शामिल हैं. अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, सबसे पहले जयपुर के नजदीक स्थित दौलतपुरा टोल प्लाजा पर इस नए सिस्टम को चालू किया जाएगा. इसके बाद इसी महीने यानी जून में ही चरणबद्ध तरीके से शाहजहांपुर और मनोहरपुर टोल प्लाजा को भी इस आधुनिक तकनीक से पूरी तरह जोड़ दिया जाएगा. इस बड़े कदम के बाद वाहन चालकों को टोल पर लगे बैरियर के हटने का इंतजार नहीं करना होगा और गाड़ियों की आवाजाही बिना रुके लगातार जारी रहेगी.

दिल्ली-जयपुर रूट पर अलग-अलग वाहनों के लिए तय किए गए टोल रेट की पूरी तालिका नीचे दी गई है:

वाहन का प्रकारपुराना हाईवे (NH-48)दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवेमहत्वपूर्ण नियम व शर्तें
बाइक / मोटरसाइकिल₹0 (नि:शुल्क)प्रवेश प्रतिबंधितएक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों को जाने की अनुमति नहीं है.
कार / जीप / एसयूवी₹400 - ₹495₹550 - ₹56024 घंटे के अंदर वापसी करने पर फास्टैग से लगभग 25% की छूट.
हल्के कमर्शियल वाहन (LCV)₹700 - ₹850₹900 - ₹1,100इसमें मुख्य रूप से मिनी बस, टाटा एस और ट्रेवलर गाड़ियां शामिल हैं.
बस / ट्रक (2 एक्सल)₹1,400 - ₹1,700₹2,000 - ₹2,400गाड़ियों पर फास्टैग न होने की स्थिति में दोगुना जुर्माना लगेगा.
मल्टी-एक्सल बड़े कंटेनर₹2,500 - ₹4,500एक्सल के अनुसार अधिकइसमें बड़े कमर्शियल ट्रक और भारी मशीनरी वाले वाहन आते हैं.

एआई तकनीक से पलक झपकते ही कटेगा टोल टैक्स

एनएचएआई ने इन तीनों टोल प्लाजा पर एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पर आधारित बेहद आधुनिक कैमरे और नए डिजिटल उपकरण पूरी तरह स्थापित कर दिए हैं. यह बेहतरीन तकनीक वहां से गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेट और फास्टैग को तुरंत स्कैन कर लेगी और गाड़ी को बिना रोके टोल टैक्स वसूल कर लेगी. कैमरों और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम की मदद से गाड़ी का पूरा डेटा कंप्यूटर पर दर्ज होगा और तय शुल्क स्वतः ही अकाउंट से कट जाएगा. इससे टोल भुगतान की पूरी प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज, पारदर्शी और सटीक बनेगी. इस नई तकनीक को लाने का मुख्य उद्देश्य यात्रा के समय को कम करना और टोल प्लाजा पर होने वाली भारी भीड़ को पूरी तरह खत्म करना है.

लंबी लाइनों और महाजाम से मिलेगी बड़ी राहत

मौजूदा समय में पीक आवर्स के दौरान दिल्ली-जयपुर हाईवे के कई टोल प्लाजा पर गाड़ियों की बहुत लंबी लाइनें लग जाती हैं. कई बार वाहन चालकों को सिर्फ टोल नाका पार करने में ही आधे घंटे से ज्यादा का समय गंवाना पड़ता है. नया बैरियर-फ्री सिस्टम लागू होने के बाद किसी भी गाड़ी को टोल पर ब्रेक लगाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे हाईवे पर ट्रैफिक का फ्लो लगातार बना रहेगा. इससे न सिर्फ गाड़ियों के कीमती ईंधन की बचत होगी बल्कि प्रदूषण में भी कमी आएगी और यात्रियों का समय भी बचेगा. परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि यह आधुनिक व्यवस्था हाईवे के सफर को बेहद सुगम और सुरक्षित बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगी.

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टोल चोरी पर लगेगी लगाम

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक यह नई तकनीक केवल यात्रियों की सुविधा ही नहीं बढ़ाएगी, बल्कि पूरे टोल कलेक्शन सिस्टम को बेहद पारदर्शी भी बनाएगी. एआई आधारित तीसरी आंख की निगरानी के कारण टोल टैक्स चोरी करने वाली गाड़ियों पर पूरी तरह से रोक लगाने में मदद मिलेगी. इसके साथ ही मानवीय हस्तक्षेप कम होने से टोल कलेक्शन का पूरा काम पूरी तरह सटीक और भरोसेमंद हो जाएगा. मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी है कि इसी साल सितंबर तक बदरपुर-फरीदाबाद टोल प्लाजा को भी इसी बेहतरीन तकनीक से पूरी तरह लैस करने की योजना बनाई गई है.

साल 2027 तक पूरे देश में लागू होगा यह आधुनिक नियम

सरकार ने देश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों को आधुनिक बनाने के लिए एक बहुत बड़ा डिजिटल लक्ष्य तय किया है. पहले चरण के तहत दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान समेत देश के 9 राज्यों के 17 प्रमुख टोल प्लाजा को पूरी तरह बैरियर-फ्री बनाया जा रहा है. इसके अलावा आने वाले दिनों में हरियाणा का घरौंडा टोल प्लाजा और राजस्थान के कई अन्य मुख्य टोल नाके भी जल्द ही इस नई प्रणाली से जुड़ जाएंगे. सरकार का मुख्य प्लान मार्च 2027 तक देशभर के कुल 108 बड़े टोल प्लाजा को इस बैरियर-फ्री ऑटोमैटिक सिस्टम से जोड़ने का है, जिससे पूरे भारत में नेशनल हाईवे पर सफर करना बेहद आसान और तेज हो जाएगा.

इस नई व्यवस्था से यात्रियों को मिलेंगे ये बड़े फायदे:

  • टोल प्लाजा आने पर गाड़ियों की रफ्तार को धीमा या रोकने की कोई जरूरत नहीं होगी.
  • हाईवे पर लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम और गाड़ियों की कतारों से हमेशा के लिए छुट्टी मिलेगी.
  • सफर में लगने वाला यात्रियों का कीमती समय काफी हद तक बच जाएगा.
  • बार-बार गाड़ी रोकने और चालू करने के झंझट से मुक्ति मिलेगी, जिससे ईंधन की बड़ी बचत होगी.
  • पूरा टोल कलेक्शन सिस्टम डिजिटल होने के कारण बेहद पारदर्शी और सटीक बनेगा.
  • एआई कैमरों की मदद से भुगतान की पूरी प्रक्रिया बेहद तेज और बिना किसी गड़बड़ी के पूरी होगी.