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Delhi HC ने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज को किया सस्पेंड, राउज एवेन्यू कोर्ट में थे तैनात

Delhi High Courts Order: दिल्ली हाई कोर्ट ने एक मामले में कार्रवाई के आदेश दिए हैं। आदेश जारी कर एक जिला अदालत के जज को सस्पेंड किया गया है। वहीं, जांच पूरी नहीं होने तक न्यायालय ने उनके बाहर जाने को लेकर भी सख्ती बरती है। जज के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।

दिल्ली उच्च न्यायालय।
Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट ने जिला अदालत के एक जज को सस्पेंड कर दिया है। जज के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही भी शुरू की गई है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक दिल्ली हायर ज्यूडिशियल सर्विसेज के न्यायिक अधिकारी को दिल्ली से बाहर न जाने को कहा गया है। हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल कंवलजीत अरोड़ा के कार्यालय से इस बाबत 16 अप्रैल को आदेश जारी किए गए हैं। जिसमें दिल्ली हायर ज्यूडिशियल सर्विसेज के न्यायिक अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने की बात कही गई है।

राउज एवेन्यू कोर्ट में तैनात थे जज

बताया गया है कि दिल्ली हायर ज्यूडिशियल सर्विस रूल्स, 1970 और ऑल इंडिया सर्विसेज रूल्स, 1969 के तहत डीएचजेएस अधिकारी को निलंबित किया जाता है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक उनको राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर में प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट सेशंस जज के ऑफिस में रिपोर्ट करनी होगी। न्यायिक अधिकारी संबंधित अथॉरिटी की परमिशन के बिना दिल्ली से बाहर भी नहीं जा सकेंगे। इससे पहले न्यायिक अधिकारी राउज एवेन्यू कोर्ट में ही तैनात थे। यह भी पढ़ें: ‘पश्चिम बंगाल में जहां हुई हिंसा, वहां न हों लोकसभा चुनाव’, हाई कोर्ट की बड़ी टिप्पणी आदेशों में साफ कहा गया है कि न्यायिक अधिकारी को नियमों के तहत सभी भत्ते निर्वहन के लिए मिलते रहेंगे। पिछले साल 17 फरवरी को भी साकेत कोर्ट में तैनात एक जज के खिलाफ ऐसी ही कार्रवाई की गई थी। इसके अलावा 2017 में हाई कोर्ट ने एक स्पेशल जज और एक एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज को भी निलंबित कर दिया था। सभी के खिलाफ कार्रवाई भ्रष्टाचार के मामलों में की गई थी।

इससे पहले इन पर गिरी थी गाज

इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने राउज एवेन्यू कोर्ट के एक जज को निलंबित किया था। लेबर कोर्ट ने जज के साथ महिला कर्मी को भी निलंबित किया था। मामला एक अश्लील वीडियो वायरल होने को लेकर था। कोर्ट ने मामले की जांच के लिए भी एक समिति गठित की थी। वीडियो मार्च 2022 का था। जिसके 9 माह बाद कोर्ट ने आदेश जारी किए थे।


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