Delhi Government Big decision: दिल्ली सरकार ने राजधानी में कर्मचारियों के लिए लागू किए गए हाइब्रिड वर्क मोड के आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है. सरकार का यह फैसला मिडिल ईस्ट में पिछले कुछ समय से चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कम होने और स्थितियों में सुधार आने के बाद आया है. बता दें कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते संकट और उसके संभावित अंतरराष्ट्रीय प्रभावों को देखते हुए ऐहतियात के तौर पर दिल्ली सरकार ने हाइब्रिड वर्क मॉडल लागू करने का फैसला किया था. इसका उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में कामकाज को सुचारू रूप से बनाए रखना और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था.
अब चूंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव धीरे-धीरे शांत हो रहा है और स्थिति सामान्य हो रही है, सरकार ने अपने इस अस्थायी आदेश को रद्द करने का निर्णय लिया है. इस आदेश के वापस होने के बाद अब सभी सरकारी विभागों और संबंधित कार्यालयों में पहले की तरह पूरी क्षमता के साथ सामान्य रूप से कामकाज शुरू हो जाएगा. कर्मचारियों को अब नियमित रूप से कार्यालय आकर अपनी सेवाएं देनी होंगी.
मई में लागू हुआ था फैसला
दरअसल, मई 2026 में जब अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच युद्ध चरम पर था और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल की आपूर्ति बाधित होने का खतरा था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश से ईंधन संरक्षण की अपील की थी। उस समय दिल्ली पहली ऐसी राजधानी बनी जिसने ईंधन की खपत और आयात पर निर्भरता घटाने के लिए 90 दिनों का 'एनर्जी-सेविंग कैंपेन' लॉन्च किया था। इसके तहत सरकारी अधिकारियों के पेट्रोल कोटे में 20% की कटौती और हफ्ते में दो दिन (बुधवार व शनिवार) रिमोट वर्किंग लागू की गई थी। अब कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में स्थिरता आने के बाद सरकार ने इस आपातकालीन व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय लिया है।
क्या निजी क्षेत्र पर भी पड़ेगा इस फैसले का असर?
जब मई में यह नीति लागू हुई थी, तब दिल्ली श्रम विभाग ने बकायदा एक एडवाइजरी जारी कर कॉर्पोरेट जगत और प्राइवेट कंपनियों से भी हाइब्रिड मोड अपनाने का आग्रह किया था।
अब चूंकि सरकारी कार्यालय शत-प्रतिशत क्षमता के साथ ऑन-ग्राउंड लौट आए हैं, इसलिए प्राइवेट सेक्टर्स में भी हाइब्रिड वर्किंग की अनिवार्यता खत्म होगी। हालांकि, आईटी और टेक हब (जैसे ओखला, कनॉट प्लेस) की कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने स्तर पर इसे जारी रखने का फैसला किया है, लेकिन सरकारी स्तर पर मिलने वाली रियायतें अब समाप्त हो चुकी हैं।