मालवीय नगर (हौज रानी) के एक गेस्ट हाउस में हुई दुखद अग्नि दुर्घटना के बाद दिल्ली सरकार ने तत्परता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है. हादसे की सूचना मिलते ही पूरी सरकारी मशीनरी को एक्टिव मोड में डाल दिया गया. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. सरकार ने न सिर्फ घायलों के त्वरित और विश्वस्तरीय इलाज की जिम्मेदारी उठाई है, बल्कि आपदा के समय देवदूत बनकर सामने आए स्थानीय नागरिकों, पुलिसकर्मियों और स्टाफ को सरकारी स्तर पर सम्मानित करने का एक बड़ा फैसला भी किया है.
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घायलों को मिला 'सरकारी कवच'
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद अस्पताल जाकर घायलों और उनके परिजनों का ढांढस बंधाया. डॉक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इलाज के खर्च की परवाह किए बिना सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. इस हादसे का शिकार हुए बांग्लादेश, नेपाल, कैमरून और लीबिया के विदेशी नागरिकों के लिए सरकार विशेष व्यवस्था कर रही है. साथ ही, जान गंवाने वाले पीड़ितों के पार्थिव शरीरों को उनके गृह राज्यों और देशों तक पूरी राजकीय संवेदनशीलता के साथ सुरक्षित पहुंचाने का सारा खर्च और जिम्मेदारी दिल्ली सरकार खुद उठा रही है.
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'रियल हीरोज' का होगा सम्मान
अस्पताल में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को जब पता चला कि कैसे स्थानीय युवाओं और सजग नागरिकों ने भारी धुएं के बीच अपनी जान दांव पर लगाकर लोगों को सीपीआर (CPR) दिया और सुरक्षित बाहर निकाला, तो उन्होंने अधिकारियों को इन सभी बहादुरों की सूची तैयार करने के आदेश दिए. संकट की घड़ी में अपनी जान की परवाह न करने वाले इन 'रियल हीरोज' को एक भव्य सरकारी समारोह में सम्मानित किया जाएगा.
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जीरो टॉलरेंस: पूरी दिल्ली में 'स्पेशल फायर ऑडिट' लागू
हादसे को लेकर सरकार का रुख बेहद कड़ा और 'जीरो टॉलरेंस' का है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बिना किसी ढिलाई के इस पूरी घटना की विस्तृत उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं. इसके साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए दिल्ली के सभी होटलों, गेस्ट हाउसों, मॉल्स और व्यावसायिक परिसरों का युद्धस्तर पर 'फायर सेफ्टी ऑडिट' शुरू करा दिया गया है. मुख्यमंत्री ने साफ चेतावनी दी है कि जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले और नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ सीधे सीलिंग और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
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