दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने यमुना विहार इलाके में एक बड़े इंटरस्टेट मोबाइल फोन चोरी और तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 83 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए और मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया.
पुलिस के अनुसार, इन मोबाइल फोनों को दिल्ली-एनसीआर समेत कई जगहों से चोरी किया गया था और इन्हें पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेजा जाना था. सूचना मिलने के बाद 27 मार्च को पुलिस ने यमुना विहार के एक किराए के मकान में छापा मारा. तीसरी मंजिल पर छापे के दौरान पुलिस ने देखा कि मोबाइल फोन कार्टन में पैक किए जा रहे थे.
---विज्ञापन---
पुलिस ने मौके से गाजियाबाद निवासी सावेज़ और दिल्ली के भलस्वा डेयरी निवासी फर्दीन को गिरफ्तार किया. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे चोरी के मोबाइल फोन ‘दानिश’ नामक व्यक्ति से खरीदते थे और फिर इन्हें कूरियर के माध्यम से पश्चिम बंगाल भेजते थे, जहां से फोन बांग्लादेश पहुंचाए जाते थे.
---विज्ञापन---
बरामद मोबाइल फोनों में आईफोन, सैमसंग, वनप्लस, वीवो, ओप्पो, रियलमी, रेडमी, पोको और मोटोरोला जैसे लोकप्रिय ब्रांड शामिल हैं. पुलिस ने इन सभी फोन के IMEI नंबर की जांच की, जिसमें कई फोन दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में दर्ज चोरी के मामलों से जुड़े पाए गए.
क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने बताया कि यह गिरोह पिछले कई महीनों से चोरी के मोबाइल फोन इकट्ठा करके अंतरराज्यीय तस्करी में लगा था. गिरोह का नेटवर्क इतना व्यवस्थित था कि चोरी के फोन कूरियर के माध्यम से आसानी से विदेश भेजे जा रहे थे. अधिकारियों ने कहा कि इस कार्रवाई से मोबाइल फोन चोरी और तस्करी पर बड़ी रोक लगेगी और ऐसे गिरोहों को कड़ा संदेश जाएगा.
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें. इसके अलावा, अपने मोबाइल फोन के IMEI नंबर की सुरक्षा सुनिश्चित करें और चोरी होने की स्थिति में तुरंत अपने नजदीकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं.
इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की खोज में लगी हुई है और आगे की कानूनी कार्रवाई भी जारी है.