राजेश ने सपने में देखा था शिवलिंग
वहीं राजेश खिमजी ने बताया कि वह डॉग लवर है। वह उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी रामनगरी अयोध्या के बंदरों के लिए अनशन कर चुका है। वह गुजरात के राजकोट में जानवरों के हित के लिए भी विरोध प्रदर्शन कर चुका है। राजेश ने पुलिस को बताया कि उसने सपने में भगवान शिव का प्रतीक शिवलिंग देखा था, जिसके ऊपर उसने कुत्ते को बैठे देखा था। उसी सपने के बाद उसने कुत्तों के लिए लड़ाई शुरू की।
कब हुआ था मुख्यमंत्री पर हमला?
बता दें कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बीते दिन सिविल लाइंस स्थित कैंप ऑफिस में लोगों की शिकायतें सुन रही थीं। इस दौरान उनकी सुरक्षा में सेंध लग गई। सुबह के करीब सवा 8 बजे थे। एक शख्स डोक्यूमेंट देने के बहाने उनके करीब गया। उसने पहले मुख्यमंत्री के मुंह पर थप्पड़ मारा। उनके बाल खींचे और उन्हें धक्का देने का प्रयास किया, लेकिन उसकी यह हरकत देखकर लोगों ने उसे पकड़ लिया और जमकर पीटा।
कौन है मुख्यमंत्री का हमलावर?
बता दें कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला करने वाले की पहचान 41 साल के राजेश भाई खिमजी भाई सकारिया के रूप में हुई, जो गुजरात का रहने वाला है। वह ऑटो ड्राइवर है और उसका क्रिमिनल रिकॉर्ड भी मिला है। साल 2017 से 2024 तक राजकोट में राजेश खिमजी के खिलाफ 5 केस दर्ज हुए, जिनमें 2 केस हमला करने के और 3 केस शराब तस्करी के हैं। 4 केसों में वह बरी हो चुका है, लेकिन एक केस कोर्ट में विचाराधीन है।
मां का बेटे को लेकर बड़ा दावा
राजेश की हरकत देखने के बाद उसकी मां भानुबेन सकारिया मीडिया के सामने आईं। उन्होंने बेटे राजेश को लेकर दावा किया कि वह जानवरों से बहुत प्यार करता है। दिल्ली में आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को सुनकर वह मानसिक तनाव में चला गया था। उसे दवाई भी दिलवाई थी, लेकिन वह अचानक किसी काम के बहाने दिल्ली चला गया, जहां उसने मुख्यमंत्री के साथ मारपीट कर दी, जिससे मुख्यमंत्री के हाथ, कंधे और सिर में चोट लगी है।