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दिल्ली की हवा पर क्यों बेअसर रही दिवाली? 2015 के बाद मिली सबसे साफ एयर क्वालिटी

Delhi Clean Air after Diwali: दिवाली के अगले दिन दिल्ली की हवा अक्सर खराब हो जाती थी। मगर इस बार ऐसा नहीं हुआ। 24 घंटे के भीतर दिल्ली का प्रदूषण अचानक से छूमंतर हो गया। आखिर ऐसा कैसे मुमकिन है? आइए समझते हैं इस रिपोर्ट में...

Delhi Clean Air after Diwali: दिवाली पूरे देश के लिए खुशियों का पर्व है, लेकिन राजधानी दिल्ली का डर भी किसी से छिपा नहीं है। दिवाली से पहले ही दिल्ली में प्रदूषण का शोर सुनाई देने लगता है। पटाखों का धुआं दिल्ली की हवा में जहर घोल देता है। यह कवायद पिछले कई सालों से चली आ रही है। मगर इस बार दिवाली की अगली सुबह ने दिल्ली वालों को भी सदमे में डाल दिया है। 2015 के बाद पहली बार दिवाली की अगली सुबह दिल्ली में कम प्रदूषण देखने को मिला है।

सीवियर से खराब कैटेगरी में पहुंची हवा

कई रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि दिवाली के पटाखों से होने वाला प्रदूषण दिल्ली की हवा को 'सीवियर' कैटेगरी में डाल देता है। मगर इस बार दिल्ली की हवा 'खराब' कैटेगरी में रही, जो 'सीवियर' से काफी कम है। अब सवाल यह है कि दिल्ली की हवा में सुधार की आखिर क्या वजहें हैं? यह भी पढ़ें- रेहान वाड्रा की सॉफ्ट लॉन्चिंग? राहुल गांधी के साथ आए नजर, राजनीति में एंट्री पर लगने लगे कयास

कितना रहा दिल्ली का AQI?

एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) की बात करें तो गुरुवार यानी दिवाली की शाम दिल्ली का AQI 328 था, जो आधी रात तक 338 हुआ और शुक्रवार की सुबह 9 बजे 362 AQI दर्ज किया गया। वहीं शुक्रवार की शाम को AQI फिर से 339 और शाम 7 बजे तक यह घटकर 323 हो गया। यह आंकड़े देखने के बाद सभी के मन में सिर्फ एक सवाल है कि क्या इस बार दिल्ली में पटाखे नहीं फोड़े गए? और अगर फोड़े गए तो इस आतिशबाजी का असर हवा पर कैसे नहीं दिखा?

24 घंटे में कैसे सुधरी हवा?

स्काईमेट मेट्रोलॉजी के उपाध्यक्ष महेश पलवंत का कहना है कि आमतौर पर दिवाली का त्योहार नवंबर के बीच में या नवंबर के आखिर में पड़ता था। तब तक दिल्ली ठंड की चादर ओढ़ लेती थी और प्रदूषण राजधानी की हवा में ट्रैप हो जाता था। मगर इस बार ऐसा नहीं हुआ। दिवाली नवंबर की शुरुआत में पड़ी। अभी दिल्ली का मौसम दिन में काफी गरम रहता है, जिससे प्रदूषण के कण आसानी से बाहर निकल गए और दिल्ली की हवा 24 घंटे के भीतर साफ हो गई।

तेज हवा से कम हुआ प्रदूषण

महेश पलवंत ने बताया कि गरम मौसम का ही असर है कि इस बार पराली जलाने और गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण का असर भी दिल्ली में कम देखने को मिला। अक्टूबर में भी दिल्ली की हवा पिछले साल की तुलना में काफी साफ रही। वहीं दिवाली के अगले दिन तेज हवा ने प्रदूषण कम करने में अहम रोल निभाया है। दिवाली की रात से ही राजधानी में 12-16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी, जो शुक्रवार को और तेज हो गई। इससे प्रदूषण के कण हवा में बह गए और राजधानी की हवा साफ हो गई। यह भी पढ़ें- हापुड़ में बड़ा हादसा! 100 से ज्यादा LPG सिलेंडर से भरा ट्रक पलटा


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