Delhi SIR Logical Discrepancies: दिल्ली के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर ने 12 अक्तूबर 2026 को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी की वोटर लिस्ट में लॉजिकल गड़बड़ियों या मैपिंग की जानकारी न होने के कारण फ्लैग की गई तकरीबन 33 लाख केस में से करीब 20 लाख मामलों का समाधान कर लिया गया है. ये मामले SIR 2026 के दौरान सामने आए थे. चुनाव अधिकारियों ने इन समस्याओं को हल करने और ये सुनिश्चित करने के लिए एक अभियान शुरू किया है कि कोई भी एलिजिबल वोटर मतदाता सूची से बाहर न रहे.
‘वोटर्स अपनी शिकायतें बताएं’
‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दिल्ली CEO ऑफिस ने कंफर्म किया कि मौजूदा प्रक्रिया के जरिए तकरीबन 20 लाख मामलों का समाधान किया गया है. बाकी मामले वोटर्स रिकॉर्ड को वेरिफाई और अपडेट करने के अधिकारियों की कोशिशों का हिस्सा हैं. चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर ने उन निवासियों से भी अपील की जिन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है कि वो मदद के लिए संबंधित चुनाव अधिकारियों से संपर्क करें.
इस बयान के मुताबिक, मतदाता 14947 बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs), 902 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (AEROs), 70 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (EROs), 13 जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) या चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं. ऑफिस ने दोहराया कि किसी भी एलिजिबल वोटर्स को मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाएगा.
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वोटर रजिस्ट्रेशन में मदद के लिए स्पेशल कैंप
इससे पहले दिल्ली CEO ने राष्ट्रीय राजधानी में स्पेशल कैंपों का ऐलान किया था ताकि उन एलिजिबल नागरिकों की मदद की जा सके जो वोटर लिस्ट में शामिल नहीं थे और SIR फ्रॉसेस के दौरान अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करना चाहते थे. CEO ने DEOs, EROs और AEROs सहित जिला-स्तरीय चुनाव अधिकारियों के साथ नोटिस, दावों और आपत्तियों की प्रगति की समीक्षा भी की. इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया और दिल्ली CEO ने हर एलिजिबल वोटर्स को शामिल करने और उन एंट्रीज को हटाने की जरूरत पर जोर दिया है जो जरूरी क्राइटेरिया को पूरा नहीं करती हैं.
यंग और फर्स्ट टाइम वोटर्स पर फोकस
युवाओं को मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए दिल्ली भर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विशेष पंजीकरण कैंप भी आयोजित किए गए. इस पहल का उद्देश्य पात्र छात्रों और पहली बार मतदान करने वालों की भागीदारी को बढ़ाना है. संशोधन प्रक्रिया का उद्देश्य सत्यापन, सुधार और पंजीकरण के माध्यम से मतदाता सूची की सटीकता में सुधार करना है. अधिकारियों ने नागरिकों से आग्रह किया है कि अगर उन्हें प्रॉसेस के दौरान कोई परेशानी आती है तो वो संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें.
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