Delhi Cantt Parking Fine : दिल्ली कैंट इलाके में अगर आप भी सड़क किनारे अपनी कार या बाइक पार्क करके घंटों के लिए भूल जाते हैं, तो अब सावधान हो जाइए. मनमानी पार्किंग करने वालों की मुश्किलें अब बढ़ने वाली हैं. सड़क किनारे गाड़ियां खड़ी कर ट्रैफिक जाम बढ़ाने वालों पर कैंट बोर्ड ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद, आपकी एक छोटी सी गलती आपको हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान करा सकती है.
दिल्ली कैंट क्षेत्र के सदर बाजार, गोपीनाथ बाजार और शास्त्री बाजार जैसे व्यस्त इलाकों में लंबे समय से अवैध पार्किंग एक बड़ी समस्या बनी हुई है. लोग घंटों तक अपना वाहन सड़क पर ही खड़ा छोड़ देते हैं, जिससे पूरे इलाके की यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है और आम लोगों को भारी जाम से जूझना पड़ता है.
पहली बार लागू हुई सख्त 'टोइंग पॉलिसी'
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कैंट बोर्ड ने पहली बार एक विस्तृत 'टोइंग पॉलिसी' तैयार की है. इसके तहत, अब नियम तोड़कर नो-पार्किंग में खड़े किए गए वाहनों को क्रेन से तुरंत मौके से हटा लिया जाएगा. इसके बाद वाहन मालिकों से टोइंग चार्ज (वाहन हटाने का खर्च) के साथ-साथ कई तरह के भारी शुल्क वसूले जाएंगे.
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एक दिन की देरी और हजारों का खर्चा
नियमों को इतना सख्त बनाया गया है कि जितने दिन गाड़ी सरकारी यार्ड में खड़ी रहेगी, उतना ही पैसा बढ़ता जाएगा. कार, जीप और वैन के लिए रोजाना 1500 रुपये तक का स्टोरेज चार्ज तय किया गया है. भारी वाहन (मल्टी एक्सल) के लिए यह राशि 6000 रुपये प्रतिदिन तक है. अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी गाड़ी छुड़ाने में 3-4 दिन की भी देरी करता है, तो टोइंग चार्ज और स्टोरेज चार्ज मिलाकर यह बिल 20 से 25 हजार रुपये तक आसानी से पहुंच सकता है.
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मकसद: जाम मुक्त दिल्ली कैंट
बोर्ड अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि सड़कों को जाम से मुक्त रखना उनकी प्राथमिकता है. अवैध पार्किंग की वजह से न केवल मुख्य सड़कें, बल्कि उनसे जुड़ी छोटी गलियां भी जाम की चपेट में रहती हैं. अब नई नीति के आने से बेतरतीब पार्किंग करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी, ताकि आम जनता को ट्रैफिक से राहत मिल सके.
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