Delhi major blast insidents: दिल्ली के लाल किले मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास हुए धमाकों में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. बताया जा है कि धमाके के बाद भीषण आग लग गई. दिल्ली में पहले भी कई बार बम धमाके हो चुके हैं. सात ऐसे मामले, जब दिल्ली में धमाके हुए और लोगों के जान माल को नुकसान पहुंचा. 29 अक्टूबर 2005 को दिवाली से ठीक पहले दिल्ली के तीन इलाकों पहाड़गंज, गोविंदपुरी और सरोजिनी नगर में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 60 लोगों की जान गई थी, जबकि 200 से अधिक घायल हुए थे.
दिल्ली में पहले कब कब धमाके
सितंबर 2011 को दिल्ली हाईकोर्ट
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- 7 सितंबर 2011 को दिल्ली उच्च न्यायालय के गेट नंबर 5 के बाहर हुए धमाके में 15 लोगों की मौत हो गई और 79 घायल हो गए थे.
सितंबर 2008 में दिल्ली सीरियल ब्लास्ट
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- 13 सितंबर 2008 को दिल्ली में हुए सिलसिलेवार बम धमाके हुए. यह धमाके करोल बाग, कनॉट प्लेस और ग्रेटर कैलाश-1 जैसे प्रमुख बाजारों में हुए, जिनमें कई लोग मारे गए और 100 से अधिक घायल हुए.
अक्टूबर 2005 में दिल्ली में सिलसिलेवार धमाके
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- 29 अक्टूबर 2005 को दिवाली से ठीक पहले पहाड़गंज, गोविंदपुरी और सरोजिनी नगर में तीन सिलसिलेवार धमाके हुए, जिनमें 60 से ज़्यादा लोग मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए थे.
जून 2000 में लाल किले के पास दो बम धमाके
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- 18 जून 2000 को लाल किले के पास दो बम विस्फोट हुए, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी.
मई 1996 में लाजपत नगर में धमाका
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- 21 मई 1996 को लाजपत नगर बाज़ार में हुए बम विस्फोट में 13 नागरिकों की मौत हो गई.