दिल्ली-एनसीआर में प्रदुषण का लेवल हर दिन और गंभीर होता जा रहा है. प्रदुषण की वजह से शहर में रहने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के दौरान बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के सुझाए गए शॉर्ट-टर्म उपायों के तहत ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) में बड़े बदलावों की अनुमति दे दी है.
अब नए सिस्टम के मुताबिक कड़े नियम पहले ही चरण में लागू कर दिए जाएंगे. यानी जो प्रतिबंध पहले स्टेज-4 में तब लगते थे जब AQI 450 से ऊपर जाता था, वे अब स्टेज-3 में ही लागू हो जाएंगे. इसी तरह स्टेज-3 के नियम स्टेज-2 पर और स्टेज-2 के निर्देश स्टेज-1 पर लागू किए जाएंगे. इसका मकसद ये है कि प्रदूषण को खतरनाक स्तर पर पहुंचने से पहले ही नियंत्रण करने के लिए सख्त कदम उठाए जा सकें.
---विज्ञापन---
नए सिस्टम को लागू करते हुए CAQM ने 19 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का हवाला दिया, जिसमें उसने CAQM से कहा था कि वह 'दिल्ली-NCR में हवा की क्वालिटी को और खराब होने से रोकने के लिए स्टेकहोल्डर्स के साथ सलाह-मशविरा करके प्रोएक्टिव कदम उठाए.'
---विज्ञापन---
स्टेज 3 में लागू होंगे ग्रैप 4 के नियम
एयर क्वालिटी को देखते हुए CAQM के आदेश के मुताबिक, ग्रैप 3 11 नवंबर से पूरे देश में लागू है. कमीशन के मुताबिक, ग्रैप 3 के तहत आने वाले ग्रैप 4 उपायों में शामिल हैं -
---विज्ञापन---
- NCR राज्य सरकारें/GNCTD पब्लिक, म्युनिसिपल और प्राइवेट ऑफिस को 50% स्टाफ के साथ काम करने और बाकी को घर से काम करने की इजाज़त देने पर फैसला लेंगी.
- केंद्र सरकार ऑफिस में कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की इजाज़त देने पर सही फैसला ले सकती है.
- सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के डेटा के मुताबिक, दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में था, दोपहर 1:30 बजे तक रीडिंग 367 थी.
- हालांकि यह शुक्रवार को 392 की AQI रीडिंग से थोड़ा बेहतर है, लेकिन एयर क्वालिटी एक हफ़्ते से ज़्यादा समय से लगातार ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में है.
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंसेज के वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (Air Quality Early Warning System) ने कहा है कि राजधानी का एक्यूआई बिगड़कर ‘गंभीर’ हो सकता है और अगले छह दिनों तक ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी के बीच बना रहेगा.
---विज्ञापन---
प्रदूषण के दौरान सड़कों पर भीड़ हो कम
PTI के रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने ये सुझाव भी दिया कि CAQM दिल्ली–NCR के स्कूलों को नवंबर और दिसंबर में होने वाली ओपन-एयर स्पोर्ट्स कॉम्पिटिशन को एयर पॉल्यूशन लेवल को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित महीनों में शिफ्ट करने पर विचार करे.
---विज्ञापन---
CAQM ने सुप्रीम कोर्ट को दिए अपने नोट में पॉल्यूशन कम करने के लिए कई शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म उपाय सुझाए हैं. इनमें मुख्य रूप से ऑफिस के कामकाज के घंटे, स्टाफ की मौजूदगी और बिजली सप्लाई से जुड़े बदलाव शामिल हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, यदि ग्रेप का स्टेज-3 लागू होता है, तो दिल्ली–NCR की सरकारों को ये तय करना होगा कि सार्वजनिक, निजी और नगर निगम के दफ्तर केवल 50% कर्मचारियों के साथ ही ऑन-साइट काम कर सकेंगे. यही दिशा-निर्देश केंद्र सरकार के कार्यालयों के लिए भी लागू करने पर विचार किया जाएगा. इन कदमों का उद्देश्य है कि प्रदूषण के दौरान सड़कों पर भीड़ कम हो और हवा की गुणवत्ता को सुधारने में मदद मिले.