Smart Cooling Tricks: दिल्ली के तीन सबसे मशहूर इलाके चांदनी चौक, लाजपत नगर और कनॉट प्लेस (CP) इन दिनों भीषण गर्मी की मार झेल रहे हैं. इन बाजारों में बढ़ते तापमान ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. इसी जमीनी हकीकत और इससे निपटने के उपायों को समझने के लिए सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (CSE) ने एक खास स्टडी की है. इस रिसर्च से साफ हुआ है कि दिल्ली के प्रमुख बाजार, टूरिस्ट स्पॉट, बस-मेट्रो स्टेशन और पब्लिक प्लेस बहुत तेजी से ‘हीट स्ट्रेस’ यानी जानलेवा गर्मी की चपेट में आ रहे हैं. संस्था ने इन तीनों बाजारों के माइक्रोक्लाइमेट का बारीकी से एनालिसिस किया है ताकि यह समझा जा सके कि शहरी डिजाइन और इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव करके इन जगहों को कैसे ठंडा रखा जा सकता है.
राहगीरों और मजदूरों पर सबसे बड़ा संकट
ये तीनों इलाके सिर्फ शॉपिंग या घूमने-फिरने की जगह नहीं हैं, बल्कि दिल्ली की धड़कन हैं जहां हर रोज लाखों लोगों की आवाजाही होती है. इस भीषण गर्मी का सबसे बुरा असर सड़कों पर काम करने वाले रेहड़ी-पटरी वालों, दिहाड़ी मजदूरों, यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है, जिन्हें मजबूरी में कई घंटों तक चिलचिलाती धूप में रहना पड़ता है. लगातार बढ़ते तापमान के कारण इन लोगों की सेहत बिगड़ रही है और उनके काम करने की क्षमता पर भी बहुत बुरा असर पड़ रहा है. इसी वजह से अब इन बाजारों के माहौल को बदलने की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है.
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सतह के तापमान में भारी गिरावट
CSE की इस रिपोर्ट में एक राहत भरी बात भी सामने आई है कि बाजारों को ठंडा रखने में पेड़ सबसे ज्यादा मददगार साबित हुए हैं. जहां घने और छायादार पेड़ हैं, वहां जमीन की सतह का तापमान 9 से 15 डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज किया गया. वहीं कम घने पेड़ वाले इलाकों में भी तापमान 6 से 8 डिग्री तक कम मिला. इसके अलावा झाड़ियों और घास वाली जगहों पर हवा का तापमान आसपास के मुकाबले 2 से 3 डिग्री कम रहा, जबकि फव्वारे और छोटे तालाब भी आसपास के माहौल को ठंडा रखने में काफी असरदार दिखे.
कंक्रीट बढ़ा रहा है मुश्किलें
बाजारों में लगी कंक्रीट, ग्रेनाइट, सैंडस्टोन और काली डामर की सड़कें गर्मी को बहुत तेजी से सोखती हैं, जिसकी वजह से मई की दोपहर में इन सतहों का तापमान 57 से 61 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. रिपोर्ट के मुताबिक अगर इसकी जगह इको-फ्रेंडली मटेरियल का इस्तेमाल किया जाए, तो तापमान को 5 से 9 डिग्री तक कम किया जा सकता है. इसके साथ ही हल्के कृत्रिम ढांचे जैसे पीवीसी कैनोपी लगाने से सतह का तापमान 12 से 21 डिग्री तक गिर सकता है. ऐतिहासिक जगहों पर लकड़ी के फ्रेम और बेलों का इस्तेमाल करने तथा पार्किंग एरिया में सोलर पैनल लगाकर छाया करने से भी तापमान में करीब 20 डिग्री तक की बड़ी राहत मिल सकती है.
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