LED Lights Delhi: राजधानी दिल्ली के लोगों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी सामने आई है. दिल्ली की सड़कें, चौक-चौराहे और अंधेरे वाले हिस्से अब रात के समय भी दूधिया रोशनी से जगमगाने वाले हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति यानी ईएफसी की बैठक में एक बेहद महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी दे दी गई है. इस योजना के तहत दिल्ली की सड़कों से डार्क स्पॉट्स को हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाएगा जिससे महिलाओं की सुरक्षा और ज्यादा पुख्ता होगी और रात के समय होने वाले सड़क हादसों में भी भारी कमी आएगी. सरकार ने इस पूरे मिशन को युद्धस्तर पर चलाकर आगामी दीवाली तक पूरा करने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है.
96 हजार पुरानी लाइटें हटेंगी और लगेंगे 5 हजार नए पोल
इस विशाल और आधुनिक परियोजना का कुल बजट लगभग 473.24 करोड़ रुपये तय किया गया है. इसके तहत लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर लगी करीब 96 हजार पुरानी और कम रोशनी वाली स्ट्रीट लाइटों को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह हटा दिया जाएगा. मौजूदा समय में दिल्ली की सड़कों पर 45 हजार पुरानी एचपीएसवी लाइटें और 51 हजार सामान्य एलईडी लाइटें लगी हुई हैं जो कुल 51,160 पोल पर टिकी हैं. इन सभी को न केवल स्मार्ट एलईडी लाइटों में बदला जाएगा बल्कि भविष्य की जरूरतों और छूटे हुए स्थानों को ध्यान में रखते हुए सड़कों पर 5 हजार नए बिजली के पोल भी लगाए जाएंगे.
कमांड सेंटर से होगी निगरानी और खुद मिलेगा खराबी का अलर्ट
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि पुरानी व्यवस्था में कई गंभीर कमियां थीं क्योंकि लाइट खराब होने का पता तभी चलता था जब कोई नागरिक उसकी शिकायत दर्ज कराता था. इस वजह से कई इलाकों में हफ्तों तक अंधेरा पसरा रहता था. अब इस नई व्यवस्था में एक केंद्रीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा जिससे हर स्ट्रीट लाइट की रीयल-टाइम निगरानी होगी. अगर कहीं भी कोई लाइट खराब होती है तो सिस्टम को अपने आप तुरंत अलर्ट मिल जाएगा और उसे दूर से ही ठीक किया जा सकेगा. इसके साथ ही रात के समय जरूरत के हिसाब से रोशनी की तीव्रता को कम या ज्यादा करने की क्षमता भी इस आधुनिक प्रणाली में होगी.
बिजली बिल में होगी हर साल 25 करोड़ रुपये की महा-बचत
यह प्रोजेक्ट न सिर्फ दिल्ली की सुरक्षा बढ़ाएगा बल्कि आर्थिक रूप से भी सरकार के लिए बेहद फायदेमंद साबित होने वाला है. ये नई स्मार्ट एलईडी लाइटें ऊर्जा के मामले में बेहद किफायती हैं जिससे बिजली की खपत में भारी गिरावट आएगी और सरकार को हर साल लगभग 25 करोड़ रुपये के बिजली बिल की सीधी बचत होगी. इस बैठक में मौजूद पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश सिंह ने सलाह दी कि चूंकि यह दिल्ली सरकार की एक बहुत ही महत्वपूर्ण और गेम-चेंजर योजना है इसलिए इसका कोई विशेष नामकरण भी किया जाना चाहिए जिस पर मुख्यमंत्री ने सहमति जता दी है. इस योजना के पूरा होने पर दिल्ली सही मायनों में एक सुरक्षित और आधुनिक विश्वस्तरीय राजधानी बन जाएगी.
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