Protest in JNU Delhi: दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में UGC नियमों को लेकर विरोध प्रदर्शन रातभर जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्रालय की ओर कूच करने का आह्वान किया था, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग करके उनका रास्ता रोक दिया। यह देखकर प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर शिक्षा मंत्रालय की ओर मार्च करने का प्रयास किया तो पुलिस वालों से बल प्रयोग करके उन्हें रोका। इस दौरान हुई झड़प में 25 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई
वहीं 50 स्टूडेंट्स को भी हिरासत में लेकर लेकर पुलिस वैन में डालकर थाने ले गई। मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। वसंत कुंज नॉर्थ थाने में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ FIR नंबर 76/26 दर्ज की गई है। पुलिस ने जो धाराएं लगाई हैं, उनमें सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकने, पुलिसकर्मियों पर हमला और उन्हें चोट पहुंचाना, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होना आदि आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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प्रदर्शनकारियों की VC के इस्तीफ की मांग
बता दें कि घायलों में ACP वसंत कुंज, वेद प्रकाश, ACP CAW संघमित्रा, SHO सरोजिनी नगर इंस्पेक्टर अतुल त्यागी, SHO किशनगढ़ इंस्पेक्टर अजय यादव झड़प में घायल हुए हैं। वहीं दलितों के खिलाफ जातिवादी टिप्पणी करने के लिए JNU की कुलपति के इस्तीफे की मांग भी प्रदर्शनकारी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह अंबेडकर का देश है, जहां गरिमा के लिए लड़ना और जातिवादी टिप्पणियों से न्याय मांगना कारावास की सजा का कारण बनता है।
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करीब 500 स्टूडेंट्स विरोध प्रदर्शन कर रहे
दिल्ली पुलिस का कहना है कि JNU कैंपस में करीब 500 स्टूडेंट्स जुटे थे और उन्होंने शिक्षा मंत्रालय तक कूच करने का ऐलान किया था। छात्रा शांतिपूर्व शिक्षा मंत्रालय तक मार्च करते हुए पहुंचे, लेकिन उन्हे मंत्रालय के कैंपस में घुसने की अनुमति नहीं दी गई थी। बैरिकेडिंग करके उन्हें आगे जाने से रोका गया था। इस दौरान माहौल हिंसक हो गया। पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग करके प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। छात्रों ने सख्ती बरतने का आरोप लगाया, लेकिन पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी।