हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Tiger ShroffCJP ProtestGyanesh KumarBigg Boss 20

दिल्ली हाईकोर्ट की फटकार के बाद SEM कोर्ट पहुंचे सौरव और आशुतोष रांका, आज खत्म हो रही है हिरासत

दिल्ली हाईकोर्ट से फटकार के बाद अब सौरव दास और आशुतोष रांका ने मजिस्ट्रेट कोर्ट (SEM) में याचिका दायर की है, जिस पर कुछ ही देर में सुनवाई की जा सकती है.

विज्ञापन
सौरव दास और आशुतोष रांका ने मजिस्ट्रेट कोर्ट (SEM) में याचिका दायर की है. (Photo: PTI)

दिल्ली के जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के मामले में कस्टडी बढ़ाए जाने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील करने वाले सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को बड़ा झटका लगा. दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को फटकार लगाते हुए निचली अदालत में अपील करने के निर्देश दिया, जिसके बाद सौरव और आशुतोष ने अपनी याचिका वापस ले ली. दिल्ली हाईकोर्ट से फटकार के बाद अब सौरव दास और आशुतोष रांका ने मजिस्ट्रेट कोर्ट (SEM) में याचिका दायर की है. दोनों सीजेपी नेताओं की हिरासत आज खत्म हो रही है, जिसे लेकर एसईएम कोर्ट में सुनवाई हो सकती है.

यह भी पढ़ें: दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू, एयर क्वालिटी खराब होने की वजह से किन-किन चीजों पर रहेगी पाबंदी?

‘जंतर-मंतर क्यों गए थे?’, हाईकोर्ट ने पूछे सवाल

सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने पूछा कि जब जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए गैर-अधिसूचित कर दिया गया था, तो दोनों नेता वहां क्यों पहुंचे? अदालत ने यह भी सवाल किया कि उन्होंने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के आदेश को पहले संबंधित निचली अदालत में चुनौती देने के बजाय सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया.

विज्ञापन

अदालत ने बांड की शर्तों के कथित उल्लंघन और ‘रिजीम चेंज’ जैसे नारों को लेकर भी सवाल किए. उसने कहा कि शांति भंग होने की आशंका से जुड़े पहलुओं पर SEM को विचार करना होगा. सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी पूछा कि क्या प्रतिबंधित या गैर-अधिसूचित स्थल पर जाने की स्थिति में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 492 के तहत कार्रवाई शुरू करने का आधार बन सकता है.

यह भी पढ़ें: Delhi Power Cut Alert: चांदनी चौक, यमुना विहार और मयूर विहार समेत दिल्ली के इन इलाकों में 22 अक्टूबर को गुल रहेगी बिजली!

विज्ञापन

बैरिकेड तोड़ने और प्रदर्शन की अनुमति पर भी फटकार

हाईकोर्ट ने प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड तोड़ने के संभावित प्रभावों पर भी टिप्पणी की. अदालत के मुताबिक, बैरिकेड किसी विशेष उद्देश्य से लगाए जाते हैं. उन्हें तोड़ने से मौके पर भीड़ बढ़ने और ऐसे लोगों के शामिल होने की आशंका रहती है, जिन पर प्रदर्शन आयोजकों का नियंत्रण न हो. अदालत ने कहा कि पुलिस से अनुमति लेने का उद्देश्य केवल प्रदर्शनकारियों को रोकना नहीं, बल्कि ऐसी स्थिति से बचना भी है जिसमें अन्य लोग आंदोलन में शामिल होकर हालात बिगाड़ दें. सुनवाई के दौरान अदालत ने विदेश में एक छात्र आंदोलन के हिंसा, आगजनी और लूटपाट में बदलने का उदाहरण भी दिया.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola