साउथ ईस्ट दिल्ली के किलोकारी गांव में मणिपुर के 54 वर्षीय संगीतकर चोंगथम विक्रम सिंह की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी. उन्होंने अपने घर के बाहर स्थित ढाबे से आ रहे शोर का विरोध किया था, लेकिन लोगों ने उन पर हमला कर दिया और इस दौरान हुई मारपीट से उनकी मौत हो गई. पुलिस ने मामले में आरोपी 7 संदिग्धों को गिरफ्तार करके हत्या का केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है. वहीं अब विक्रम सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सामने आई है, जिसमें उनकी मौत को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.

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विक्रम की मौत इंटरनल ब्लीडिंग के कारण हुई

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मारपीट से विक्रम सिंह को गंभीर चोटें लगी थीं और उनकी मौत इंटरनल ब्लीडिंग के कारण हुई. विक्रम के सिर, चेहरे, गर्दन, हाथ-पैर, छाती, पेट और पीठ पर चोटें लगी थीं. उनकी पसलियों में फ्रैक्चर और ब्लीडिंग के कारण खून के थक्के जम गए थे. उनकी तिल्ली में भी चोट मिली. विक्रम सिंह को गत मंगलवार को देररात करीब 12:25 बजे बेहोशी की हालत में होली फैमिली अस्पताल ले जाया गया था. जहां सुबह करीब 6 बजकर 32 मिनट पर हेमरेजिक शॉक यानी इंटरनल ब्लीडिंग के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया था.

7 आरोपियों में एक नाबालिग युवक भी शामिल

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, पेरिटोनियल (पेट) गुहा में लगभग 2 लीटर हेमपेरिटोनियम (इंटरनल ब्लीडिंग) मौजूद है, जिसमें 160 ग्राम जमा हुआ खून है. पुलिस FIR के अनुसार, चोंगथम विक्रम सिंह ने पहले भी आरोपियों ने शोर न मचाने के लिए कहा था, जिसके बाद आरोपियों ने उन्हें धमकी दी थी. मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें एक नाबालिग शामिल है. आरोपियों की पहचान भरत कुमार (19), प्रमोद (26), रमजान खान (22), दीपांशु (21), मोहन विश्वकर्मा (32), विजय (36) और मन्नू (26) के रूप में हुई है.

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नस्लीय हमले के एंगल से जांच कर रही पुलिस

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (2) (भीड़ के द्वारा पीट-पीट कर हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है. प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने सिंह को सबक सिखाने का इरादा किया था, क्योंकि उन्होंने हंगामे का विरोध किया था. हालांकि उन्हें यह उम्मीद नहीं थी कि हमला जानलेवा साबित होगा ओर न ही उनकी हत्या करने का इरादा था. आरोपी ढाबे में कर्मचारी और डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के रूप में काम करते थे. पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या नस्लीय हमला किया गया था?

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