Delhi NCR Expressway: दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक और भविष्य में जेवर एयरपोर्ट के चालू होने के बाद वाहनों की भारी भीड़ को संभालने के लिए सरकार ने एक और हाईस्पीड एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी तेज कर दी है. यूपी सरकार की एजेंसी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) इस महत्वपूर्ण परियोजना पर काम कर रही है. यह नया एक्सप्रेसवे मौजूदा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के समानांतर बनाया जाएगा. यह नोएडा के सेक्टर-94 से शुरू होकर सेक्टर-150 तक जाएगा और आगे इसे परी चौक और नॉलेज पार्क (KGP) तक बढ़ाया जाएगा. इस प्रोजेक्ट को एनसीआर की भविष्य की कनेक्टिविटी के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह दिल्ली और जेवर एयरपोर्ट के बीच एक वैकल्पिक और तेज रास्ता प्रदान करेगा. प्राधिकरण ने सर्वे का काम शुरू कर दिया है और अब डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है.

कैसा होगा एक्सप्रेसवे का स्वरूप और लागत

इस नए एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई करीब 31.437 किलोमीटर होने का अनुमान है. इसे भारी ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए 6 से 10 लेन तक चौड़ा बनाने की योजना है ताकि गाड़ियां फर्राटा भर सकें. एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा, लगभग 14.2 किलोमीटर, एलिवेटेड होगा यानी यह सड़क जमीन से ऊपर खंभों पर खड़ी होगी, जबकि बाकी का करीब 17 किलोमीटर हिस्सा जमीन पर बनाया जाएगा. इस पूरी परियोजना पर लगभग 4300 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा, करीब 1400 करोड़ रुपये, केवल जमीन अधिग्रहण पर ही खर्च किया जाएगा. सेक्टर-94 के पास एक नया जंक्शन भी बनाया जाएगा जो दिल्ली और डीएनडी से आने वाले ट्रैफिक को सीधे इस नए मार्ग पर भेजेगा.

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ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत और मल्टी-लेवल कनेक्टिविटी

इस नए एक्सप्रेसवे के बनने से महामाया फ्लाईओवर, डीएनडी और मौजूदा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर लगने वाले भारी जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. फिलहाल दिल्ली से ग्रेटर नोएडा, जेवर एयरपोर्ट या आगरा की तरफ जाने वाले सभी वाहनों का दबाव एक ही एक्सप्रेसवे पर पड़ता है जिससे रोजाना सेक्टर-94 से परी चौक तक लंबा जाम लगता है. यह नया एक्सप्रेसवे उस दबाव को पूरी तरह बांट देगा. इसकी सबसे बड़ी खूबी इसकी मल्टी-लेवल कनेक्टिविटी होगी. इसे डीएनडी फ्लाईवे, चिल्ला एलिवेटेड रोड, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और आगे चलकर सीधे यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा. इससे दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और जेवर एयरपोर्ट के बीच का सफर बेहद तेज और आसान हो जाएगा.

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विकास को मिलेगी नई उड़ान और रियल एस्टेट में उछाल

जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद इस पूरे इलाके में ट्रैफिक कई गुना बढ़ने की संभावना है. ऐसे में यह नया एक्सप्रेसवे जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने का सबसे तेज और सुलभ मार्ग बन सकता है. परी चौक के पास इसे खास तरीके से डिजाइन किया जाएगा ताकि वहां लगने वाले ट्रैफिक दबाव को कम किया जा सके. KGP तक कनेक्टिविटी मिलने से ग्रेटर नोएडा के एजुकेशनल और इंडस्ट्रियल हब को भी बहुत फायदा होगा. वहीं सेक्टर-150 और आसपास के तेजी से विकसित हो रहे रिहायशी इलाकों को भी बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी. यह प्रोजेक्ट केवल ट्रैफिक जाम कम करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरे एनसीआर के औद्योगिक विकास को गति देगा और रियल एस्टेट सेक्टर को भी एक नई रफ्तार प्रदान करेगा.

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