भारत मंडपम में एशिया के सबसे बड़े डिफेंस एक्सपो और होमलैंड सिक्योरिटी एक्सपो का आयोजन किया गया है. इस डिफेंस एक्सपो में 25 से अधिक देशों ने हिस्सा लिया है. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक सपना है कि साल 2047 तक भारत का रक्षा क्षेत्र पूरी तरह से आत्मनिर्भर बन जाए और उसी उद्देश्य के तहत इस डिफेंस एक्सपो का आयोजन किया गया है.

इस एक्सपो में रक्षा से जुड़े सीनियर ऑफिसर, टेक्निकल एक्सपर्ट और अंतरराष्ट्रीय सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स हिस्सा ले रहे हैं. इस एक्सपो में आंतरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक AI, रोबोटिक्स, ड्रोन, साइबर सुरक्षा और फोरेंसिक सॉल्यूशन को बताया जा रहा है. इसके साथ ही भविष्य की ड्रोन तकनीक के बारे में भी एक्सपर्ट जानकारी दे रहे हैं.

आपको बता दें कि भारतीय रक्षा मंत्रालय का निर्यात 38,424 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है. साल 2024-2025 में की तुलना में 62.66 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. भारतीय रक्षा मंत्रालय की निर्यात की इस सफलता को देखते हुए दिल्ली के भारत मंडपम में इस डिफेंस एक्सपो का आयोजन किया गया है. इस कार्यक्रम को इंडिया होमलैंड सिक्योरिटी एक्सपो और ड्रोन इंटरनेशनल एक्सपो साझा तौर पर कर रही है.

इस एक्सपो में परमाणु ऊर्जा विभाग का ईसीआईएल अपने स्वदेशी आरएफ जैमिंग का प्रर्दशन कर रही है. इनमें वाहन, काफिला सुरक्षा और मोबाइल फोन जैमर शामिल हैं. इस जैमर की खासियत आप इस बात से लगा सकते है कि यह एचएफ, वीएचएफ, यूएचएफ, 2जी से 5जी मोबाइल नेटवर्क, वाई-फाई, ब्लूटूथ और ड्रोन की गतिविधियों को पूरी तरह से जाम करने में सक्षम है.

रक्षा एजेंसियों के लिए एयर-गैप्ड सॉवरेन एजेंटिक एआई इन ए बॉक्स, रक्षा खुफिया फ्यूजन सेंटर, डिजिटल फोरेंसिक का प्रदर्शन किया जा रहा है. एक्सपो में हल्के बख्तरबंद वाहन और आधुनिक हथियारों का भी लुक दिखाया जा रहा है. सेना के लिए वाहन बनाने वाली कंपनी हल्के और कम लंबाई वाले अत्याधुनिक पिस्टल और कार्बाइन को भी इस एक्सपों में लाया गया है.