नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) ने शुक्रवार को भाजपा पर मनीष सिसोदिया को बदनाम करने का आरोप लगाया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि शीर्ष भाजपा नेता ने जांच एजेंसी का दुरुपयोग करके सिसोदिया को बदनाम करना शुरू कर दिया है।
अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर लिखा, ‘प्रधान मंत्री जी, जब आपको मनीष सिसोदिया के खिलाफ कुछ नहीं मिला तो आपने ED के जरिये मनीष को बदनाम करना चालू कर दिया? आपकी ED शाम से टीवी चैनलों पर झूठी खबरें चलवा रही है कि मनीष सिसोदिया की 52 करोड़ की संपत्ति जब्त की गयी। ED ने असल में जो संपत्ति जब्त की है, उसके कागजात ये रहे। टोटल 80 लाख की संपत्ति जब्त की है, वो भी 2018 के पहले की, जब एक्साइज नीति बनी ही नहीं थी। पूरी संपत्ति एक नंबर की है।’
‘लोगों ने कभी सोचा नहीं था कि एक दिन ऐसा आएगा जब भारत जैसे महान देश का ऐसा प्रधान मंत्री मिलेगा जो इस तरह खुले आम झूठ बोलकर अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को खत्म करने की कोशिश करेगा। असली भ्रष्टाचारी कौन हैं, ये आप भी जानते हैं। हिम्मत है तो उन्हें पकड़ कर दिखाइये।’
आतिशी ने दिया जब्त संपत्ति का ब्योरा
ईडी के दस्तावेजों का हवाला देते हुए दिल्ली की मंत्री आतिशी ने दावा किया कि सिसोदिया के पास केवल 81 लाख की संपत्ति है। जिसमें बैंक खाते में 11 लाख और 5 लाख और 65 लाख के दो फ्लैट शामिल हैं। आतिशी ने कहा कि बीजेपी मनीष सिसौदिया को बदनाम करने के लिए झूठ का एक नया बंडल लेकर आई है। ईडी के अपने दस्तावेजों के मुताबिक, मनीष सिसोदिया के पास केवल 81 लाख की संपत्ति है, जिसमें बैंक खाते में 11 लाख, 5 लाख का फ्लैट और 65 लाख का फ्लैट शामिल है।
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ईडी ने 5 आरोपियों की 52 करोड़ की संपत्ति की कुर्क
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को दिल्ली उत्पाद शुल्क मामले में पांच आरोपियों की 52.24 करोड़ की संपत्ति कुर्क की, जिसमें सिसोदिया की 81 लाख की संपत्ति भी शामिल है। ईडी के कदम में मनीष सिसौदिया और उनकी पत्नी सीमा सिसौदिया के एक-एक फ्लैट के साथ-साथ ₹11.49 लाख का बैंक खाता भी शामिल है।
क्या है दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामला?
51 वर्षीय सिसोदिया को एजेंसी ने मार्च में उत्पाद शुल्क नीति मामले में गिरफ्तार किया था और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आरोप लगाया कि शराब व्यापार के लिए लाइसेंस देने वाली उत्पाद शुल्क नीति 2021-22 ने गुटबंदी को सक्षम बनाया और कुछ डीलरों का पक्ष लिया। जिन्होंने कथित तौर पर इस प्रक्रिया के लिए रिश्वत दी थी। आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति 2021-22 के निर्माण में गड़बड़ी के आरोपों का जोरदार खंडन किया है।
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