नई दिल्ली स्थिति वामपंथी गठबंधन ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ(JNUSU) चुनाव 2024-25 में चार शीर्ष पदों में से तीन पर कब्जा करके अपना दबदबा जारी रखा, जबकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(ABVP) ने बड़ी बढ़त हासिल की। नीतीश कुमार(आइसा) अध्यक्ष चुने गए, मनीषा(डीएसएफ) ने उपाध्यक्ष पद जीता और मुन्तेहा फातिमा(डीएसएफ) महासचिव का पद हासिल किया। हालांकि एबीवीपी ने वैभव मीना के विजयी होने के साथ संयुक्त सचिव का पद जीता।   जीत के बाद क्या बोले JNUSU छात्र संघ नवनिर्वाचित अध्यक्ष, नीतीश कुमार ने छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा, कि हम छात्रों और उनके कल्याण के लिए काम करेंगे। हमारा उद्देश्य यह है कि हर छात्र की आवाज सुना जाए और उसका सम्मान किया जाए। नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष मनीषा ने जीत के बाद श्रेय विश्वविद्यालय को देते हुए कहा, कि इस जीत का श्रेय विश्वविद्यालय को जाता है। जेएनयू लाल था औऱ लाल ही रहेगा। हमने हमेशा छात्रों के लिए काम किया और उनकी आवाज उठाी औऱ हम फ्यूचर में भी यह काम करते रहेंगे। नवनिर्वाचित महासचिव मुन्तेहा फातिमा ने कहा, कि हम छात्रों के अधइकारों के लिए लड़ते रहेंगे, जैसा कि हमने हमेशा किया है। संयुक्त सचिव भी चुने गए। वैभव मीना(ABVP)) ने अपनी जीत के महत्व पर विचार करते हुए कहा, कि हमने एक दशक के बाद यह जीत हासिल की है और अगले चुनाव में एबीवीपी चारों सीचें जीतेगी। यह जीत आगे की सफलताओं के लिए एक कदम है।   ABVP के उम्मीदवार चार केंद्रीय पदों पर रहे आगे वोटिंग की काउटिंग करने के बाद अधिकांश दिन, एबीवीपी के उम्मीदवार सभी चार केंद्रीय पदों पर आगे रहे। जो जेएनयू में पांरपरिक वामपंथी प्रभुत्व के लिए मजबूत चुनौती को दर्शाता है। हालांकि यह अध्यक्ष, उपाध्यक्ष औ महासचिव मुकाबलों में पीछे रह गया, लेकिन हार का अंतर कम था। ABVP ने 42 में से 23 सीटें जीतीं बता दें कि लगभग 5500 छात्रों ने अपने वोट डाले थे। इस चार मुकाबले में AISA-DSF, ABVP और NSUI-Fraternity गठबंधन के लिए होड़ लगाई। पार्षद चुनाव मे एबीवीपी ने 42 में से 23 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया।