AAP ने संगठन में किए बड़े बदलाव, जितेंद्र तोमर को बनाया मध्यप्रदेश का प्रभारी

आम आदमी पार्टी पूरे देश में व्यापक स्तर पर कई संगठनात्मक नियुक्तियां की हैं। पार्टी ने दिल्ली के कई विधायकों को अहम जिम्मेदारियां दी हैं। यूपी में दिलीप पांडे, विशेष रवि, अनिल झा और सुरेंद्र कुमार को सह प्रत्याशी बनाया है।

AAP organization changes

Arvind Kejriwal

विज्ञापन

आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने पार्टी में कई बड़े बदलाव किए हैं। पार्टी ने पूरे देश में व्यापक स्तर पर कई संगठनात्मक नियुक्तियां की हैं। पार्टी ने दिल्ली के कई विधायकों को अहम जिम्मेदारियां दी हैं। केजरीवाल ने राजेश गुप्ता को कर्नाटक, ऋतुराज गोविंद को हिमाचल प्रदेश और जितेंद्र तोमर को मध्यप्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया है। इसके साथ ही दिलीप पांडे को ओवरसीज कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है।

इनको मिली जिम्मेदारी

पार्टी द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उत्तराखंड में महेंद्र यादव, राजस्थान में धीरज टोगस, महाराष्ट्र में प्रकाश जरवाल, तेलंगाना में प्रियंका कक्कर, केरला में शैली ओबेरॉय, तमिलनाडु में पंकज सिंह और लद्दाख में प्रकाश गौड़ को प्रभारी बनाया गया है। पार्टी ने इसके साथ ही यूपी में दिलीप पांडे, विशेष रवि, अनिल झा और सुरेंद्र कुमार को सह प्रत्याशी बनाया है। उत्तराखंड में घनेंद्र भारद्वाज को और हिमाचल प्रदेश में विजय फुलेरा को यह जिम्मेदारी सौंपी है।

Advertisment

एमसीडी में टूट चुकी है पार्टी

बता दें कि आम आदमी पार्टी इन दिनों दिल्ली में बड़े सियासी संकट से जूझ रही है। एमसीडी में पार्टी के कई पार्षद बगावत कर चुके हैं। पार्टी के 15 पार्षद वरिष्ठ नेता मुकेश गोयल के नेतृत्व में सामूहिक इस्तीफा दे चुके हैं। सभी ने एमसीडी में तीसरा फ्रंट बनाने का ऐलान किया है। तीसरे फ्रंट का नाम इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी है। सभी पार्षदों ने इस्तीफे की वजह भी बताई। जानकारी के अनुसार सभी निगम पार्षद दिल्ली नगर निगम में वर्ष 2022 में आप पार्टी से चुने गए थे परंतु 2022 में दिल्ली नगर निगम में सत्ता में आने के बावजूद पार्टी का शीर्ष नेतृत्व दिल्ली नगर निगम को सुचारू रूप से चलाने में विफल रहा।

स्टूडेंट विंग की स्थापना की

इस्तीफे में आगे लिखा है शीर्ष नेतृत्व का निगम पार्षदों से आपस में समन्वय न के बराबर रहा जिसके कारण पार्टी विपक्ष में आ गई। ऐसे में जनता से किए गए वादे पूरे नहीं कर पाने के कारण हम सभी पार्षद पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। गौरतलब है कि दिल्ली चुनाव में हार के बाद केजरीवाल का पूरा फोकस पंजाब में हैं। पार्टी की कोशिश है कि पंजाब को किसी तरह हाथ से नहीं निकलने दिया जाए। इसको लेकर केजरीवाल पूरी तरह एक्टिव है। इसके अलावा केजरीवाल ने बुधवार को ही पार्टी की स्टूडेंट विंग की स्थापना की।

विज्ञापन

विज्ञापन

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 on Facebook, Twitter.

First published on:

Read more: About our editorial guidelines and standards here.

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ