दिल्ली में सड़कों पर आवारा पशुओं की समस्या को कंट्रोल करने के लिए सरकार सख्त कदम उठाने की तैयारी में है. जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) विधेयक 2026 के तहत अब अगर कोई गाय सड़कों पर घूमती हुई पाई जाती है, तो उसके मालिक पर 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. ये प्रस्ताव राजधानी में बढ़ती अव्यवस्था और सड़क हादसों को रोकने के मकसद से लाया गया है. अक्सर देखा गया है कि सड़कों पर घूमने वाली गायें ट्रैफिक में रुकावट पैदा करती हैं और दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं. ऐसे में सरकार ने जिम्मेदारी तय करने के लिए ये नियम लागू करने का फैसला लिया है.
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क्या है दिल्ली सरकार का फैसला?
दरअसल, ये बिल दिल्ली में छोटे-छोटे अपराधों को गैर-आपराधिक बनाने और उनकी जगह आर्थिक दंड लागू करने की नीति का हिस्सा है. केंद्र सरकार के जन विश्वास बिल 2026 की तर्ज पर दिल्ली सरकार भी अपने कानूनों में बदलाव कर रही है, ताकि लोगों को जेल भेजने के बजाय जुर्माने के जरिए अनुशासन बनाए रखा जा सके. इस विधेयक के तहत कई पुराने कानूनों में संशोधन किया जा रहा है. खासकर काटल ट्रेसपास एक्ट (Cattle Trespass Act) में बदलाव कर इसे मॉडर्न बनाया जा रहा है. इसके तहत अब जेल की सजा को हटाकर आर्थिक दंड का प्रावधान किया जा रहा है.
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सरकार का फैसला क्यों है खास?
सरकार का मानना है कि इससे न केवल अदालतों पर बोझ कम होगा, बल्कि लोगों में जिम्मेदारी की भावना भी बढ़ेगी. अगर कोई व्यक्ति अपनी गाय या बाकी पशु को खुला छोड़ देता है और वो सड़क पर पाया जाता है, तो उसे सीधे आर्थिक दंड देना होगा. इसके अलावा, इस बिल में बाकी नागरिक नियमों को भी सख्त किया जा रहा है. जैसे- सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाना, बिना अनुमति पोस्टर लगाना या नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि ये कदम दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और नागरिक अनुशासन बढ़ाने में मदद करेगा. हालांकि, कुछ लोग इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ भी मान रहे हैं.
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