दिल्ली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,03,700 करोड़ का बजट पेश किया है. यह पिछले साल के बजट से करीब ₹3,700 करोड़ अधिक है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा प्रस्तुत इस बजट की थीम ‘विकसित दिल्ली, हरित दिल्ली’ है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, पर्यावरण और शहरी विकास को प्राथमिकता दी गई है. बजट का मुख्य जोर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने, विकास योजनाओं को तेज करने और दिल्लीवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने पर है. बजट में से ₹62,550 करोड़ विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं पर खर्च होंगे, जबकि ₹41,150 करोड़ राजस्व और पूंजीगत मदों में जाएंगे. महिलाओं के लिए 'लखपति बेटी' और फ्री बस सफर जैसी सौगातें जारी रहेंगी. यह बजट दिल्ली की विकास गति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला माना जा रहा है.

सरकार की कमाई कहां से होगी

सरकार की आय का सबसे बड़ा स्रोत GST रहेगा, जिससे ₹43,500 करोड़ मिलने का अनुमान है. कुल कर राजस्व लगभग ₹74,000 करोड़ रहने की उम्मीद है. इसके अलावा गैर-कर राजस्व से ₹900 करोड़, केंद्र प्रायोजित योजनाओं से ₹3,931 करोड़ और केंद्रीय सहायता से ₹968 करोड़ मिलेंगे. सरकार केंद्रीय सड़क निधि से ₹591 करोड़, स्वच्छ गंगा मिशन से ₹1,500 करोड़ और आपदा प्रबंधन के लिए ₹100 करोड़ प्राप्त करेगी. बजट संतुलन के लिए ₹16,700 करोड़ बाजार से ऋण लेने की भी योजना है.

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किन क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा खर्च

  • इस बजट में सबसे बड़ा हिस्सा शिक्षा को दिया गया है. शिक्षा पर ₹19,326 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जो कुल बजट का लगभग 18.64 प्रतिशत है. स्वास्थ्य पर ₹13,034 करोड़, परिवहन और सड़क परियोजनाओं पर ₹12,613 करोड़, आवास और शहरी विकास पर ₹11,572 करोड़ और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर ₹10,537 करोड़ खर्च करने का प्रावधान है. जल आपूर्ति और स्वच्छता के लिए ₹9,000 करोड़ रखे गए हैं.

इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास

  • नगर निगम को ₹11,266 करोड़ दिए जाएंगे, जबकि लोक निर्माण विभाग के लिए ₹5,921 करोड़ का प्रावधान है. 750 किलोमीटर सड़कों के पुनर्विकास पर ₹1,392 करोड़ खर्च होंगे. अनधिकृत कॉलोनियों के विकास के लिए ₹800 करोड़ और विधायकों के क्षेत्रीय विकास फंड के लिए ₹350 करोड़ रखे गए हैं. नई फल-सब्जी मंडियों के निर्माण की योजना भी बजट में शामिल है.

ग्रीन बजट, जल और सीवरेज व्यवस्था

  • सरकार ने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कुल बजट का 21.44 प्रतिशत यानी ₹22,236 करोड़ हरित योजनाओं के लिए तय किया है. इसमें प्रदूषण नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, हरित क्षेत्र बढ़ाने और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं पर काम किया जाएगा. दिल्ली जल बोर्ड को ₹9,000 करोड़ दिए जाएंगे. जल आपूर्ति बढ़ाने और पाइपलाइन विस्तार पर काम होगा. सीवरेज क्षमता 707 MGD से बढ़ाकर 814 MGD करने का लक्ष्य रखा गया है.

स्वास्थ्य क्षेत्र के बड़े ऐलान

  • स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ₹12,645 करोड़ का प्रावधान है. अस्पतालों में नई परियोजनाओं पर ₹150 करोड़ खर्च होंगे.
  • मशीनों और दवाइयों के लिए ₹787 करोड़ रखे गए हैं.
  • आयुष्मान योजना के विस्तार पर ₹202 करोड़ खर्च होंगे.
  • 750 से अधिक नए हेल्थ सेंटर खोले जाएंगे और नवजात जांच के लिए “ANMOL” योजना शुरू की जाएगी.

शिक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस

  • शिक्षा के लिए ₹19,148 करोड़ का बजट रखा गया है.
  • नए स्कूल भवनों पर ₹200 करोड़ और स्कूल विस्तार पर ₹275 करोड़ खर्च होंगे.
  • छात्राओं को साइकिल देने के लिए ₹90 करोड़ और मेधावी छात्रों को लैपटॉप देने के लिए ₹10 करोड़ रखे गए हैं.
  • स्मार्ट क्लासरूम और तकनीकी शिक्षा पर भी बड़ा खर्च किया जाएगा.

सामाजिक योजनाएं

  • महिला और बाल विकास के लिए ₹7,406 करोड़ का प्रावधान है.
  • महिला समृद्धि योजना पर ₹5,110 करोड़ खर्च होंगे.
  • महिलाओं और ट्रांसजेंडर के लिए मुफ्त बस यात्रा जारी रहेगी, जिस पर ₹450 करोड़ खर्च होंगे.
  • मुफ्त गैस सिलेंडर योजना के लिए ₹260 करोड़ और “लखपति बेटी योजना” के लिए ₹128 करोड़ रखे गए हैं.

परिवहन और मेट्रो विस्तार

  • परिवहन विभाग के लिए ₹8,374 करोड़ का बजट है.
  • 6,130 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी और 2027 तक 7,500 बसों का लक्ष्य है.
  • मेट्रो विस्तार के लिए ₹2,885 करोड़ और इलेक्ट्रिक वाहन नीति के लिए ₹200 करोड़ का प्रावधान है.

सुशासन और डिजिटल व्यवस्था

  • 13 मिनी सचिवालय बनाए जाएंगे और जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल किया जाएगा.
  • नीति निर्माण के लिए “DITI” नाम का नया थिंक टैंक बनाया जाएगा.

उद्योग, रोजगार और पर्यटन

  • MSME सेक्टर के लिए ₹48 करोड़ रखे गए हैं और 32,000 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा.
  • सेमीकंडक्टर और ड्रोन नीति पर भी काम होगा.
  • पर्यटन के लिए ₹412 करोड़ का बजट रखा गया है, जिसमें फिल्म फेस्टिवल, शहर सौंदर्यीकरण और 1,000 आधुनिक टॉयलेट बनाने की योजना शामिल है.

पर्यावरण पर विशेष योजनाएं

  • प्रदूषण नियंत्रण के लिए ₹300 करोड़ और नगर निगम को ₹204 करोड़ दिए जाएंगे.
  • कचरा निस्तारण क्षमता बढ़ाने और कार्बन क्रेडिट योजना लागू करने की तैयारी है.

कुल मिलाकर यह बजट शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, ट्रांसपोर्ट और शहरी विकास पर केंद्रित माना जा रहा है, जिसमें सामाजिक योजनाओं और हरित परियोजनाओं पर भी बड़ा जोर दिया गया है.

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