छत्तीसगढ़ का बस्तर बुधवार को उस वक्त सुर्खियों में आ गया, जब 'मास्टर ब्लास्टर' सचिन तेंदुलकर अपने पूरे परिवार के साथ अचानक आदिवासियों के बीच पहुंचे. दंतेवाड़ा जिले के छिंदनार गांव में जब आदिवासी बच्चों ने अपने सामने क्रिकेट के दिग्गज को देखा, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. सचिन ने न केवल बच्चों से बातचीत की, बल्कि बस्तर के भविष्य को 'तराशने' का बड़ा वादा भी किया.
सचिन का खास मिशन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सचिन तेंदुलकर का यह दौरा केवल सैर-सपाटा नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा विजन है. 'सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन' के सहयोग से बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में 50 आधुनिक खेल मैदान तैयार किए जा रहे हैं. इन मैदानों के तैयार होने से बस्तर के 5,000 से ज्यादा बच्चों को खेल की बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी.
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यहां 'मैदान कप' प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का ग्लोबल मंच मिलेगा. इन सेंटर्स पर कबड्डी, एथलेटिक्स, खो-खो और वॉलीबॉल जैसे खेलों के लिए प्रोफेशनल कोच भी भेजे जाएंगे.
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परिवार संग बिताया समय
सचिन तेंदुलकर निजी जेट से जगदलपुर पहुंचे थे. इस खास दौरे पर उनके साथ उनकी बेटी सारा तेंदुलकर और पुत्रवधू सानिया भी मौजूद थीं. पूरे तेंदुलकर परिवार ने आदिवासी परंपरा और संस्कृति का दीदार किया और स्थानीय लोगों से गर्मजोशी के साथ मुलाकात की.
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हालांकि, पहले इस दौरे में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भी शामिल होना था, लेकिन बाद में उनका कार्यक्रम अपरिहार्य कारणों से रद्द हो गया.
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