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छत्‍तीसगढ़ सरकार ने CBI को सौंपी महादेव सट्टा ऐप की जांच, 70 केस दर्ज

Mahadev Satta App Case: महादेव सट्टा ऐप मामले को लेकर छत्‍तीसगढ़ से बड़ी खबर है। अब इस मामले की जांच आधिकारिक रूप से सीबीआई को सौंप दी गई है। महादेव ऐप का संचालन करने वाले अधिकतर युवा 18 से 30 साल के हैं।

mahadev satta app
Mahadev Satta App Case: छत्तीसगढ़ सरकार ने महादेव सट्टा ऐप का मामला सीबीआई को सौंपा है। महादेव सट्टा ऐप को लेकर कुल 70 मामले दर्ज हैं। इन सारे प्रकरणों को सीबीआई को सौंपा गया है। इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने जानकारी दी है। रायपुर और दुर्ग के 700 से अधिक युवा दुबई में तीन-तीन महीने की ट्रेनिंग ले चुके हैं। राज्य में पांच साल बाद सीबीआई की एंट्री छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की सीजीपीएससी 2021 की भर्ती की जांच से हुई है। इसके अलावा बिरनपुर हिंसा मामले में भी सीबीआई पहले से ही जांच कर रही है। महादेव एप घोटाले की यह तीसरी सीबीआई जांच होगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने महादेव सट्टा ऐप का मामला सीबीआई को सौंपा है। महादेव सट्टा ऐप को लेकर कुल 70 मामले दर्ज हैं। इन सारे प्रकरणों को सीबीआई को सौंपा गया है। इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने जानकारी दी है।

सीबीआई के लिए यह तीसरा मामला

राज्य में पांच साल बाद सीबीआई की एंट्री छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की सीजीपीएससी 2021 की भर्ती की जांच से हुई है। इसके अलावा बिरनपुर हिंसा मामले में भी सीबीआई पहले से ही जांच कर रही है। महादेव एप घोटाले की यह तीसरी सीबीआइ जांच होगी। ये भी पढ़ें-  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी प्रदेशवासियों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं

ऑनलाइन महादेव सट्टा एप क्या है?

विशेषज्ञों के मुताबिक ऑनलाइन महादेव सट्टा एप सट्टेबाजों के लिए ऑनलाइन दांव लगाने का प्लेटफार्म देता है। इसमें आनलाइन बुक पोकर, कार्ड गेम, चांस गेम, क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबाॅल आदि जैसे अलग-अलग लाइव गेमों में अवैध सट्टेबाजी के लिए सुविधा मिलती है। कई कार्ड गेम जैसे तीन पत्ती, पोकर, ड्रैगन टाइगर, कार्ड का उपयोग करके वर्चुअल क्रिकेट गेम आदि, यहां तक ये कुछ अन्य एप का इस्तेमाल करके सट्टेबाज दांव लगाते हैं।

पहले ईडी कर रही थी जांच

ऑनलाइन बेटिंग एप महादेव सट्टा ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में करीब 16 महीने से ईडी जांच कर रही है। ईडी के मुताबिक, इस मामले में करीब 6000 करोड़ रुपए की कमाई हुई है। ये भी पढ़ें-  महादेव बेटिंग ऐप की जांच को लेकर गृह मंत्री विजय शर्मा का बड़ा ऐलान


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