TrendingNew YearPollutionYear Ender 2025

---विज्ञापन---

बहादुर बेटी का कारनामा! पिता को बचाने के लिए भालू से किया मुकाबला, भालू को उल्टे पांव भागना पड़ा

सिरोही: राजस्थान के सिरोही जिले में एक भालू को अपने पिता पर हमला करते देख एक बेटी ने अपनी जान दांव पर लगा दी। सिरोही के रेवदार कस्बे के सिलदर गांव में सोमवार देर रात एक किसान पर भालू ने हमला कर दिया। जिसके बाद उसकी 14 साल की बेटी भालू से भिड़ गई। बच्ची […]

Brave daughter joshna
सिरोही: राजस्थान के सिरोही जिले में एक भालू को अपने पिता पर हमला करते देख एक बेटी ने अपनी जान दांव पर लगा दी। सिरोही के रेवदार कस्बे के सिलदर गांव में सोमवार देर रात एक किसान पर भालू ने हमला कर दिया। जिसके बाद उसकी 14 साल की बेटी भालू से भिड़ गई। बच्ची भालू से लड़ती रही और उसे भागने के लिए मजबूर कर दिया। जानकारी के मुताबिक सिरोही के रेवदार कस्बे में भालू ने किसान कर्मा राम चौधरी (50) को बुरी तरह घायल कर दिया। घायल किसान को गुजरात के मेहसाणा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद से उनकी बेटी जोशना और परिवार सदमे में है। जोशना ने बताया कि भालू से लड़ाई के दौरान मेरे दिमाग में बस एक ही बात थी कि मेरे साथ कुछ भी हो जाए, मैं अपने पिता को कुछ नहीं होने दूंगी। बहादुर बेटी जोशना ने कहा, 'मैं अपने माता-पिता के साथ खेत पर थी। रात में पापा बाहर खेत में सो रहे थे, मैं मां के बगल वाले कमरे में सो रही थी। रात करीब तीन बजे अचानक कुत्तों के भौंकने की आवाज आई। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाती, उसके पिता के चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनाई दीं। मैं और माँ उसकी ओर दौड़े। वहां का नजारा देखकर वह बुरी तरह डर गई।" जोशना ने बताया कि भालू ने पिताजी को खाट से नीचे गिरा दिया था और उनके ऊपर बैठ गया था और उनके शरीर को खरोंच रहा था। पहले तो डर के मारे पैर कांपने लगे, लेकिन जैसे ही पिता को बचाने का ख्याल आया तुरंत दौड़ी और लाठी उठाकर भालू पर वार करने लगी। मेरे मन में बस एक ही बात थी कि मेरे साथ जो कुछ भी हो, मेरे पिता को कुछ न हो।" इस घटना के बाद गांव सहित सोशल मीडिया पर जोशना की जमकर तारीफ हो रही है। लोग उसे पुरस्कार देने की भी मांग कर रहे हैं। सभी उसके साहस के किस्से सुनकर दंग हैं। जोशना 8वीं तक पढ़ी हैं और उसके बाद खेत से स्कूल की दूरी ज्यादा होने के कारण पढ़ाई छोड़ दी।  


Topics:

---विज्ञापन---