बिहार की राजधानी पटना का वो इलाका, जहां हर साल लाखों युवा सरकारी नौकरी का सपना लिए पहुंचते हैं, इन दिनों एक बड़े 'कोचिंग वॉर' को लेकर सुर्खियों में है. इस पूरे कानूनी बवंडर के केंद्र में दो बड़े नाम हैं - एक खान सर और दूसरे ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद. 'खान ग्लोबल स्टडीज' पर हुए हमले और तोड़फोड़ के आरोपों में पुलिस ने रौशन आनंद को गिरफ्तार कर लिया है. लेकिन सलाखों के पीछे पहुंचे रौशन आनंद की असली कहानी इस मौजूदा विवाद से कहीं ज्यादा संघर्षपूर्ण वाली है.

15 साल की उम्र में छोड़ा था घर, छूटी इंजीनियरिंग

रौशन आनंद का जन्म बिहार के सहरसा जिले के धामसेना गांव के एक बेहद साधारण किसान परिवार में हुआ था. घर की माली हालत ऐसी थी कि मौसमी फसलों और मजदूरी के भरोसे ही पूरा परिवार चलता था. सरकारी स्कूल से शुरुआती पढ़ाई करने वाले रौशन के पास न तो महंगे ट्यूशन थे और न ही इंग्लिश मीडियम की पढ़ाई, लेकिन उनके भीतर सीखने की एक गजब की भूख थी.

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अपने परिवार की किस्मत बदलने के इरादे से रौशन ने महज 15 साल की उम्र में अपना गांव और परिवार छोड़ दिया. वे पटना और फिर वहां से राजस्थान के कोटा पहुंचे. उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज BIT मेसरा में दाखिला भी पा लिया. लेकिन आर्थिक तंगी ने यहां भी उनका पीछा नहीं छोड़ा. कॉलेज की भारी-भरकम फीस और हॉस्टल का खर्च उठाना परिवार के बस से बाहर था, जिसके चलते रौशन को अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी.

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खाना मांगकर पढ़ाया

इंजीनियरिंग छूटने के बाद भी रौशन ने हार नहीं मानी और वे सरकारी नौकरी की तैयारी में जुट गए. उन्होंने बिहार पुलिस भर्ती, बीपीएससी और यूपीएससी की परीक्षा दी. किस्मत का खेल देखिए, बिहार पुलिस की लिखित परीक्षा पास की तो फिजिकल में रह गए, बीपीएससी के इंटरव्यू तक पहुंचे तो फाइनल लिस्ट से नाम गायब हो गया.

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लगातार मिलती असफलताओं के बीच रौशन ने अपनी आर्थिक तंगी से निपटने के लिए साथी छात्रों को पढ़ाना शुरू किया. उस दौर में उनके पास पैसों की इतनी किल्लत थी कि वे कई बार फीस के रूप में कैश की जगह घर का बना खाना लेते थे. इसी दौरान उन्हें समझ आया कि भले ही वे खुद एग्जाम पास न कर पाए हों, लेकिन मुश्किल से मुश्किल टॉपिक को छात्रों के लिए आसान बनाने का हुनर उनके पास बखूबी है.

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4 छात्रों से खड़ी की 'ज्ञान बिंदु कोचिंग'

1 सितंबर 2017 को रौशन आनंद ने 'ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी' की नींव रखी. जब पहली क्लास खुली, तो सामने सिर्फ 4 छात्र बैठे थे. लेकिन रौशन ने उन 4 छात्रों को ही अपनी 4 हजार की सेना मानकर पूरी शिद्दत से पढ़ाया. धीरे-धीरे उनकी जमीनी और देसी स्टाइल छात्रों को पसंद आने लगी. देखते ही देखते बिहार पुलिस, दरोगा, एसएससी और रेलवे की तैयारी करने वाले छात्रों के बीच ज्ञान बिंदु एक बड़ा और भरोसेमंद नाम बन गया.

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अब पुलिस केस का सामना

जो व्यक्ति कभी चंद रुपयों और खाने के बदले पढ़ाने को मजबूर था, वह पटना के सबसे बड़े कोचिंग डायरेक्टर्स की कतार में आकर खड़ा हो गया था. लेकिन आज स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं. खान सर के 'खान ग्लोबल स्टडीज' के बाहर देर रात हुई तोड़फोड़ और मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. फिलहाल कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है और पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालकर मामले की आगे की जांच कर रही है.