बिहार के पटना में आज राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और मीसा भारती के नेतृत्व में उनके समर्थकों, छात्रों और युवाओं ने मार्च निकाला. मार्च गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर से शुरू हुआ, लेकिन इस मार्च को आयकर गोलंबर पर पुलिस ने रोक लिया. प्रदर्शनकारी तेजस्वी यादव और मीसा भारती के नेतृत्व में लोक भवन की ओर एक पैदल मार्च कर रहे थे. मार्च में शामिल RJD कार्यकर्ताओं ने डाक बंगला चौराहे पर लगे बैरिकेड तोड़ दिए तो पुलिस ने वाटर कैनन से प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा. वहीं तेजस्वी यादव और मीसा भारती को हिरासत में लिया.

मार्च में डमी AK-47 लेकर आए प्रदर्शनकारी

बता दें कि प्रदर्शनकारी आज पेपर लीक, बेरोजगारी और छात्रों-युवाओं की समस्याओं जैसे मुद्दे उठाते हुए मार्च निकाल रहे थे. मार्च का नेतृत्व RJD के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने किया. उनके साथ मीसा भारती भी मार्च में शामिल हुई. मार्च में प्रदर्शनकारी डमी AK-47 लेकर आए थे. RJD ने ऑफिशियल एक्‍स हैंडल पर वीड‍ियो शेयर करके लिखा कि 'नहीं चलेगी AK-47 वाली भ्रष्ट सरकार! छात्र मांगें कदाचार मुक्त परीक्षा का अधिकार! AK-47 से फायरिंग का आदेश किसने दिया, प्रदेश सरकार दे इसका जवाब.

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RJD के मार्च में नजर नहीं आए स्टूडेंट्स

RJD ने बिहार में गिरती शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया. लेकिन इस मार्च में छात्र नजर नहीं आए, बल्कि RJD के कार्यकर्ता दिखाई दे रहे हैं. हालांकि पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरे हैं, लेकिन छात्र उनके साथ नहीं आए. इसलिए पार्टी ने कहा कि कोई बात नहीं अगर छात्र साथ नहीं आए तो हम मार्च निकाल रहे हैं, उनके लिए प्रदर्शन कर रहे हैं और उनके पीछे खड़े हैं. नीट पेपर लीक के मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं.

सांसद मीसा भारती ने बड़ा बयान दिया

मार्च में शामिल हुईं RJD सांसद मीसा भारती ने कहा कि स्टूडेंट्स के साथ अन्याय हुए 20 से 25 दिन बीत गए हैं, लेकिन बिहार सरकार नींद से नहीं जागी. सुप्रीम कोर्ट में बिहार क सम्राट चौधरी सरकार ने माना है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ AK-47 का इस्तेमाल हुआ था. लेकिन बेंच ने बिहार सरकार के वकील से यह नहीं पूछा कि AK-47 लेकर विरोध प्रदर्शन में कार्रवाई करने की अनुमति किसने दी थी? अगर DM और SP ने अनुमति दी थी तो उन्हें तुरंत सस्पेंड कर देना चाहिए. मगर सम्राट चौधरी सरकार पर कोई असर नहीं पड़ता, क्योंकि युवाओं से मतलब नहीं.

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