बिहार में करीब दो महीने से प्रभावित राजस्व सेवाओं को अब गति मिलने वाली है. बिहार राजस्व सेवा संघ के अधिकारियों का 9 मार्च से जारी सामूहिक अवकाश गुरुवार को समाप्त हो गया. राज्य सरकार द्वारा उनकी आवश्यक मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के आश्वासन के बाद यह गतिरोध खत्म हुआ है.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने बताया कि हड़ताल के कारण दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि मापी और भूमि विवाद निपटारा जैसे महत्वपूर्ण कार्य लंबित हो गए थे. अब विभाग ने इन सभी कार्यों में तेजी लाने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं.
---विज्ञापन---
उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता आम जनता से जुड़े लंबित मामलों का त्वरित और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करना है. इसके लिए सभी जिलों के समाहर्ताओं और अंचल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित आवेदनों की समीक्षा कर जल्द से जल्द उनका निपटारा करें.
---विज्ञापन---
सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि 4 मई से सभी राजस्व सेवा के अधिकारियों को अपने-अपने पदस्थापन स्थल पर योगदान देना अनिवार्य होगा. यदि कोई अधिकारी अनुपस्थित रहता है या कार्य में लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.
---विज्ञापन---
विभाग ने जिला स्तर पर विशेष मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सके. इसके तहत लंबित मामलों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर उनके निष्पादन की कार्ययोजना बनाई जाएगी.
---विज्ञापन---
---विज्ञापन---