पटना में आज हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के कई उम्मीदवारों को डराकर, फुसलाकर और यहां तक कि भाजपा के वरिष्ठ नेता ने अपने साथ बैठाया, ताकि वे चुनाव मैदान से हट जाएं या नामांकन ही न कर सकें.
प्रशांत किशोर ने आगे कहा, एक नहीं बल्कि तीन जन सुराज के घोषित उमीदवारों को नामांकन नहीं करने दिया गया. दानापुर में हमारे प्रत्याशी अखिलेश को जेल में बैठे बाहुबली ने डराया. हालात यह हैं कि हमारे प्रत्याशी को गृह मंत्री ने अपने साथ दिन भर बैठा कर नांमांकन नहीं करने दिया. बीजेपी चुनाव की प्रक्रिया शुरू होते ही डरी हुई है.
इस चुनाव में नामांकन का खेल चल रहा- प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने कहा कि गोपालगंज के जन सुराज के उम्मीदवार डाक्टर शशि शेखर सिन्हा के घर पहुंचे लोगों ने उन पर नामांकन वापस लेने के लिए दबाव बनाया और उसके दो घंटे बाद उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया. प्रशांत ने बताया कि पिछले चुनाव में काउंटिंग का खेल हुआ था इस चुनाव में नामांकन का खेल खेला जा रहा है.
NDA को उखाड़ नहीं फेंक देते तब तक नहीं रहेंगे शांत- प्रशांत किशोर
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा, ‘जब तक हम भाजपा को हरा नहीं देते और एनडीए को उखाड़ नहीं फेंक देते, हम शांत नहीं होंगे. 14 नवंबर को नतीजे आएंगे और सच्चाई सबके सामने आ जाएगी. वे ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि हम डरे हुए हैं.
जितने चाहें उतने उम्मीदवार खरीद लो, जन सुराज झुकेगा नहीं- प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने कहा वो और उनके जन सुराज के साथी किसी से नहीं डरते. जितने चाहें उतने उम्मीदवार खरीद लीजिए, जितने चाहें उतने उम्मीदवारों को धमका दीजिए और जितने चाहें उतने उम्मीदवारों को उनके घरों में कैद कर दीजिए. चुनाव लड़ा जाएगा और इतनी ताकत से लड़ा जाएगा कि आप चकरा जाएंगे. हम महागठबंधन नहीं हैं. इन लोगों को महागठबंधन के उम्मीदवारों की परवाह नहीं है क्योंकि इन्हें पता है कि महागठबंधन से एक ताकतवर आदमी खड़ा है. ये जाकर जनता से कहेंगे, “ये जंगलराज के लोग हैं.” अगर आप नहीं चाहते कि वे वापस आएं, तो हमें वोट दें.” लेकिन वे अच्छे लोगों से डरते हैं… वे भ्रष्ट नेताओं से नहीं डरते. यह जन सुराज का डर है. इतने अच्छे लोग मैदान में उतर गए हैं कि उनमें लड़ने की हिम्मत नहीं है…’