बिहार विधानसभा चुनाव के ऐलान में अब कुछ ही महीने बचे हैं। इससे पहले सभी राजनीतिक दल चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पिछले तीन सालों से चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। वे पिछले तीन सालों से बिहार में यात्रा कर रहे हैं। इसमें दो साल की पैदल यात्रा भी शामिल है। पीके अब तक 5 हजार गांवों की यात्रा कर चुके हैं और किसी से वोट नहीं मांग रहे हैं। यह बात उन्होंने स्वयं स सारण में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कही।
प्रशांत किशोर ने कहा कि आम जनता ने 40-50 साल तक कांग्रेस को जिताया, फिर उन्होंने लालू यादव का राजा बनाया और अब पिछले सालों से नीतीश कुमार कुर्सी पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों ने 2014 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया, लेकिन आपके बच्चों के जीवन में कोई बदलाव नहीं आया। पीके ने आगे कहा कि मैं पिछले 3 साल से बिहार में घूम रहा हूं, जिसमें 2 साल पैदल भी रहे हैं। मैं 5 हजार गांवों तक पैदल पहंुचा हूं। मैं किसी से वोट नहीं मांगता क्योंकि 1-2 साल में आकर हर कोई आपसे वोट मांगता है।
पहले के नेता मीठी-मीठी बातें करते थे
पीके ने कहा कि वे आपसे कहते हैं कि मैं आपके हर काम करूंगा। यह सुनकर अब तक आपने पूरी जिंदगी उनको वोट किया है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक ने कहा कि हमने लालू यादव, नीतीश कुमार, पीएम मोदी सभी को जिताया लेकिन आपके बच्चों का भविष्य कभी उज्जवल नहीं हुआ। जन सुराज के संस्थापक ने कहा कि पहले के नेता मीठी-मीठी बातें करते थे और चुनाव जीतने के बाद अपने वादों की परवाह नहीं करते थे।
इसलिए मैं वोट भी नहीं मांगता
किशोर ने कहा कि वे भी दूसरों की तरह आम आदमी को धोखा दे सकते हैं, इसलिए वे वोट नहीं मांगते। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे लोगों को गरीबी से बाहर निकलने का रास्ता बताना चाहते हैं। प्रशांत किशोर ने कहा, अब एक प्रशांत किशोर यहां आए हैं, हम जो कहते हैं उसे सुनें और हमें वोट दें। लेकिन क्या गारंटी है कि हम जीतने के बाद आपको धोखा नहीं देंगे? पहले के नेता आपसे मीठी-मीठी बातें करते थे। पहले सब अच्छी बातें करते हैं और जीतने के बाद आपकी परवाह नहीं करते।
प्रशांत किशोर भी दूसरों की तरह आपको धोखा दे सकते हैं। इसलिए मैं वोट भी नहीं मांगता। मैं आपको गरीबी से बाहर निकलने का एक तरीका बताऊंगा। अगर आप इसे सीख गए तो आप जिसे चाहें वोट दे सकते हैं। लेकिन अगर आप हमारे बताए तरीके से वोट करेंगे तो आपके बच्चों के लिए शिक्षा और रोजगार निश्चित रूप से बिहार में ही संभव होगा।