- मुख्य बातें
- पटना में अभी लोगों को कुछ और दिनों तक गर्मी का सितम झेलना पड़ेगा.
- दिन के वक्त शहर का तापमान 41 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.
- लोगों को दिन में घर से बाहर कम से कम निकलने की सलाह दी गई है.
- धूप में घर से बाहर निकलने से पहले छतरी या सिर ढकने के लिए कपड़े जरूर रख लें.
- वहीं बिहार के सीमांचल इलाके में गरज के साथ बौझारें और हल्की बिजली कड़कने की संभावनाएं हैं.
Patna Ka Mausam: बिहार की राजधानी पटना सहित राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में सोमवार, 23 जून को भी लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है. तेज धूप और हवा में बढ़ी नमी के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल पटना और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की कोई मजबूत संभावना नहीं दिखाई दे रही है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से तत्काल राहत मिलने के आसार कम हैं.
बारिश के आसार कब तक?
पटना में आज दिन का तापमान 41 से लेकर 44 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है, ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि तेज धूम में घर से बाहर जितना मुमकिन हो, कम निकलें. अगर बाहर निकलना बेहद जरूर हो, तो छतरी का इस्तेमाल जरूर करें, या फिर चेहरा और सिर कपड़े से ढक लें. फिलहाल एक हफ्ते तक राजधानी में बारिश या मानसून की कोई संभावना नहीं जताई गई है.
सीमांचल का हाल
वहीं, सीमांचल क्षेत्र के कुछ जिलों के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. विभाग के पटना मौसम विज्ञान केंद्र की तरफ से जारी नाउकास्ट चेतावनी में कहा गया है कि अररिया और पूर्णिया के कई इलाकों में अगले कुछ घंटों के दौरान गरज के साथ बौछारें, बिजली कड़कने और हल्की बारिश की संभावना है.
तेज हवाएं चलने की संभावना
मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि खराब मौसम के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. ऐसे में लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है. किसानों से भी खेतों में काम करने से बचने और मौसम सामान्य होने का इंतजार करने को कहा गया है.
मौसम विभाग का अलर्ट
अररिया के सभी 9 और पूर्णिया के सभी 14 प्रखंड मौसम चेतावनी के दायरे में हैं. संभावित मौसम परिवर्तन को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल उमस बनी रहेगी, जबकि बारिश की गतिविधियां सीमित क्षेत्रों तक ही केंद्रित रह सकती हैं.