पटना से विपिन श्रीवास्तव की रिपोर्टः प्रशांत किशोर ने बिहार के सारण में राहुल गांधी की सदस्यता निरस्त किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करते हुए मुझे ये लगता है कि 2 साल की सजा अधिक है।
राजनीति में इस तरह के बयान और टिप्पणी लोग एक दूसरे के खिलाफ देते रहते हैं। भाजपा के लोगों को अपने नेता अटल जी की पंक्ति ‘छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, याद करना चाहिए और बड़ा दिल दिखाना चाहिए’।
संसद तक मार्च कर लड़ाई नहीं लड़ सकते
प्रशांत किशोर ने कांग्रेस पार्टी को नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेस के लोगों को पता ही नहीं है कि वे किस लड़ाई में हैं। सिर्फ दिल्ली में संसद तक मार्च करने और ट्वीट करने भर से ये लड़ाई आप नहीं लड़ सकते। ये लड़ाई अगर आपको लड़नी है तो आपको जमीन पर, गांवों में, सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
कल मैं 20 किमी पैदल चला हूं, मुझे कांग्रेस का एक कार्यकर्ता नहीं मिला जो राहुल गांधी की सदस्यता पर गांवों में लोगों को बता रहा हो कि ये गलत हुआ है। जब तक विपक्षी दलों की लड़ाई चुनावी नतीजों में नहीं दिखेगी, तब तक कोई आपको गंभीरता से नहीं लेगा।
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